धान की पारंपरिक खेती से आगे बढ़े अंकित, एक ही खेत में मछली-मुर्गी-बागवानी का मॉडल! शासन की योजना से ₹8 लाख अनुदान लेकर बने उन्नत और नवाचारी किसान

धान की पारंपरिक खेती से आगे बढ़े अंकित, एक ही खेत में मछली-मुर्गी-बागवानी का मॉडल! शासन की योजना से ₹8 लाख अनुदान लेकर बने उन्नत और नवाचारी किसान

अपनी मेहनत और नवाचार से खेती को नई पहचान दे रहे – युवा किसान अंकित

शासन की योजना का लाभ लेकर 8 लाख रुपए की अनुदान राशि से 2 तालाब में कर रहे मछली पालन

तालाब के ऊपर मुर्गी पालन के लिए बनाए है बढ़िया शेड

बहुफसली लेकर बने उन्नत किसान

जशपुर : जशपुर जिले के ग्राम रतबा के युवा किसान अंकित लकड़ा अपनी मेहनत और नवाचार से खेती को नई पहचान दे रहे हैं। पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उन्होंने अपने खेत को बहुआयामी आय का मजबूत माध्यम बना दिया है। आइए जानते हैं उनकी प्रेरणादायक कहानी।

रबता के युवा किसान अंकित ने बताया कि पहले वे बरसात में सिर्फ धान की खेती करते थे। इसे पश्चात् उन्होंने मत्स्य विभाग से जानकारी प्राप्त कर अपने खेत में तालाब बनाए। अब वे गर्मी में भी खेती करने लगे और आम के पेड़ लागाए उसी तालाब के पानी से गर्मी में पेड़ों को पानी देते हैं।

तालाब के पानी का उपयोग करके बागवानी भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2 तालाब के उपर शेड बनाकर मुर्गी पालन और मछली पालन करते हैं। मुर्गियों का अपशष्टि मछलियों के लिए आहार का कार्य करता है। शेड का कैपेसिटी 1000 से 1200 है। तालाब के मेड में आम का पेड़ लगाए हैं। आम का पेड़ या अन्य पेड़ मिट्टी को एकजुट रखता है मिट्टी को काटने नहीं देता। इसके साथ ही आम का पेड़, लीची का पेड़ अतिरिक्त आय का माध्यम बन जाता है। युवा किसान ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य योजना अंतर्गत पॉन्ड लाइनर प्राप्त हुआ है। मछली विभाग से 8 लाख रूपए की राशि अनुदान में मिला इसके साथ पॉलीथिन, बोर, मोटर और फीड प्राप्त हुआ है।

अंकित लकड़ा की यह पहला बताती है की नई सोच और योजनाओं के सही उपयोग से नवाचारी खेती को और अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

Jashpur