जंगल मितान के 33 साल पूर्ण : पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 50 पर्यावरण मितानों का सम्मान, डॉ. विनय पाठक ने प्रयासों को बताया अनुकरणीय.

जंगल मितान के 33 साल पूर्ण : पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 50 पर्यावरण मितानों का सम्मान, डॉ. विनय पाठक ने प्रयासों को बताया अनुकरणीय.

पर्यावरण के संरक्षण हेतु जागृति लाने के उद्देश्य से गठित संस्था जंगल मितान का 33 वां वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन डॉ. विनय कुमार पाठक पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति थावे विद्यापीठ गोपालगंज बिहार, साहित्यकार डॉ. विजय सिन्हा,  साहित्यकार महेश श्रीवास, डॉ. मंत राम यादव, डॉ. शंकुतला जितपुते के अतिथ्य में आयोजित किया गया।

इस अवसर पर स्वागत भाषण में संस्थापक चन्द्र प्रकाश वाजपेयी ने जानकारी दी कि जंगल मितान का मुख्य कार्यालय अचानकमार शिवतराई में है जहाँ समय-समय पर बच्चों को पर्यावरणीय जानकारी एवं जंगल भ्रमण, ट्रेकिंग, ग्रामीण खेल एवं संस्कृति संबंधित आयोजन एवं प्रशिक्षण का आयोजन किया जाता है ।

इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण हेतु उल्लेखनीय कार्य करने वाले 50 पर्यावरण मितानों में अक्षय अलकारी संयोजक पर्यावरण पहरी, राजेंद्र मौर्य, संतोष कश्यप, कमलेश्वर साहू, शेलेश शुक्ला, विशाल साहू, इतवारी राम साहू, श्री श्याम मोहन दुबे संस्थापक अरपा अर्पण महा अभियान जन आंदोलन, ईशान यादव, दिग्वेश्वरी पटेल, विट्ठल भाई पटेल, संतेश्वर पटेल, अमित रंजन पांडेय, प्रवीण राही, आँचल राही, आयांश यादव, दिग्विजय पाठक, कपिल नारायण साहू, श्री दुजराम भेड़पाल अध्यक्ष पेड़ प्रेमी सेंदरी, अमित केवट, मयंक केवट, कान्हा यादव, अनुराग देवांगन, दिव्यांशु यादव, मयंक श्रीवास, प्रांजल यादव, लव पाल, कमल केवट, इंद्रजीत सिंह सोहेल संयोजक वृक्ष ही जीवन है, ओम् प्रकाश देवानी, लक्ष्मी नारायण साहू, अंबिकेश कुमार साहू, संतोष निषाद, सुशील कुमार सरकार, प्रबल कुमार राय, प्रमोद ठाकुर, गोविंद राम पटेल एवं श्रीमती श्वेता पांडेय सचिव नारीशक्ति का पर्यावरण सम्मान प्रमाण-पत्र, अंग वस्त्र व सभी पर्यावरण मितान सर्वश्री भेंट करके सम्मानित किया गया ।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. विनय पाठक कुलपति ने अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की आवश्यकता है और इस हेतु गठित संस्था जंगल मितान का जन जागृति हेतु किया जाने वाला कार्य अनुकरणीय है, उन्होंने चंद्र प्रकाश बाजपेयी द्वारा विगत 33 वर्षों से किये जा रहे पौधारोपण की भी सराहना करते हुए कहा कि यह भी कार्य अनुकरणीय है। सुप्रसिद्ध डॉ. शकुंतला जितपुरे जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पौधारोपण का महत्व पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हमारे मानव जीवन के लिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने नवग्रह वाटिका की भी विस्तृत जानकारी देते हुए चन्द्र प्रकाश बाजपेयी के कार्य की सराहना की। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. विजय सिन्हा, डॉ. मंतराम यादव, महेश श्रीवास ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए श्री चंद्र प्रकाश बाजपेयी संस्था के संस्थापक एवं चन्द्र प्रदीप बाजपेयी संस्था के अध्यक्ष को हार्दिक बधाई दी।

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