वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस ने एथलेटिक्स के आंकड़ों से खोली बड़ी तस्वीर, महिला प्रतिभाओं की तलाश और गहन प्रशिक्षण को बताया भारत की बड़ी जरूरत

वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस ने एथलेटिक्स के आंकड़ों से खोली बड़ी तस्वीर, महिला प्रतिभाओं की तलाश और गहन प्रशिक्षण को बताया भारत की बड़ी जरूरत

राष्ट्रमंडल खेलों: 2026, एथलेटिक्स के महिला वर्ग के विभिन्न इवेंट में प्रतिभाओं की खोज जरूरी

उदयीमान खिलाड़ियों का शीघ्र चयन कर शुरू करें गहन प्रशिक्षण

आलेख .. जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टीवी कमेंटेटर, रायपुर, छ.ग. (94242 13303)

रायपुर : एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स मिलकर 71 देशों के 925 प्रतिभागी ट्रेक व फील्ड , दौड़ , कूद, रिले आदि की स्पर्धा के लिए उतरे। 100 मीटर दौड़ में 43 देशों के 76 धावकों ने भाग लिया जिसमें भारत के गुरविंदर सिंह पहले हीट में बाहर हो गये। 200 मीटर में 38 देशों के 78 धावक मैदान में उतरे थे। भारत के अनिमेष कुजुर सेमीफायनल में बाहर हो गये। 400 मी. दौड़ में 46 प्रतिभागी 32 देशों से थे। भारत के राजेश हिट में ही हार गये। 800 मीटर में 26देशों के सिर्फ 31 प्रतिभागी थे। एक मील की दौड़ में सिर्फ 26 प्रतिभागी थे। पर किसी ने योग्यता हासिल नहीं की। 5000 मीटर में 25 प्रतिभागी में भारत के गुलवीर सिंह ने कांस्य जीता। 10000 मी. की दौड़ में 10 देशों के सिर्फ 15 धावक थे। भारत के गुलवीर सिंह ने रजत जीता। 110 मी बाधा दौड़ में 12 देशों के 15 एथलीट थे। भारत के तेजस सिरसे 8 वें स्थान पर रहे। 400 मी. बाधा दौड़ में भारत के संतोष यशास क्रमश) 7वें,8 वें स्थान पर 23 खिलाड़ियों में रहे। 3000 मी.स्टीपल चेस में 4 देशों के 8 खिलाड़ी थे। 4×100 मीटर रिले में 14 देशों के 14 टीम थी। 10000 मी. पैदल चाल में 04 देशों के सिर्फ 5 खिलाड़ियों ने भाग लिया। भारत के किसी खिलाड़ी ने योग्यता हासिल नहीं की। ऊंची कूद में 13 देशों के 17 खिलाड़ी थे इसमें भारत के सर्वेश कुशारे ने रजत जीता। बांस कूद में 10 देश के 13 खिलाड़ी थे। भारत के देव कुमार मीणा चौथे रहे। लंबी कूद के 20 खिलाड़ियों में भारत के मुरली ने कांस्य जीता। तिहरी कूद में सिर्फ 14 प्रतिभागियों में भारत के प्रवीण ने रजत जीता। गोला फेंक में 13 देशों के 15 खिलाडी थे . हैमर थ्रो में 11देशों के 13 खिलाड़ी थे।भारत के किसी खिलाड़ी ने योग्यता प्राप्त नहीं किया। भाला फेंक में नीरज चोपड़ा व यशवीर ने क्रमशः रजत व कांस्य पदक 18 खिलाड़ियों ने जीता जबकि डेकथालेन में 12 खिलाड़ियों में भारत के तेजस्विनी शंकर ने कांस्य जीता।

इसी तरह महिलाओं के एथलेटिक्स के विभिन्न इवेंट में भारतीय महिलाओं के प्रदर्शन पर एक नजर डालते हैं। 100 मीटर दौड़ में 43 देशों के 53 धाविकाओं ने भाग लिया। 200मीटर दौड़ में 35 देशों की 67 महिलाओं ने योग्यता हासिल की। 400 मीटर दौड़ में 19 देशों की 24 धाविकाओं के बीच मुकाबला हुआ। 800 मीटर मी. दौड़ में 21 देशों की 32 धाविका ने भाग लिया। एक मील की दौड़ में 22 प्रतिभागी 17 देशों से थी। उपरोक्त इवेंट में किसी भारतीय महिला ने योग्यता हासिल नहीं की। 5000 मीटर की दौड़ में 14 देशों की 20 महिला एथलीट ने भाग लिया। भारत की पारुल चौधरी 13 वें स्थान पर रही।10000 मी. की दौड़ में 9 देशों की 4 महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया। 100 मी.बाधा दौड़ में भी 13 देशों की 16 महिला थी। 400 मीटर बाधा दौड़ में 7 देशों की 10 महिलाएं एथलीट, 3000 मी. स्टीपल चेस में 8 देशों की 10 महिलाओं ने भाग लिया, 4×100 मीटर रिले 12 देशों की 12 महिलाओं ने भाग लिया परन्तु उपरोक्त इवेंट में भारत की किसी भी महिला ने योग्यता प्राप्त नहीं किया . 10000 मीटर पैदल चाल में 6 महिलाओं ने जो कि सिर्फ तीन देश भारत, आस्ट्रेलिया, केन्या की थी ने भाग लिया। जिसमें भारत की दो प्रतिभागी थी। प्रियंका गोस्वामी ने चौथा जबकि रविना गायकवाड़ दौड़ में भाग नहीं ले सकी क्योंकि अयोग्य घोषित कर दी गई। ऊंचीकूद में 8 देशों की 12 महिलाओं ने भाग लिया। भारत की पूजा सिंह आठवें स्थान पर रही। बांस कूद में 5 देशों की सात प्रतिभागी शामिल हुई। लंबी कूद में 24 खिलाड़ी 18 देश की, तिहरी कूद में 4 देश की 6 महिलाओं ने योग्यता हासिल की। जबकि भारत की किसी महिला ने योग्यता हासिल नहीं किया . गोला फेंक में 11 देशों की 11 खिलाड़ियों ने भाग लिया। भारत की मनजीत कौर चौथे स्थान पर रही। तवा फेंक में 7 देशों की 8 महिला प्रतिभागी थी।जिसमें भारत की निधि रानी ने चौथा तथा सीमा कालीरामना ने तीसरा स्थान प्राप्त करके कांस्य पदक जीता। हैमर थ्रो में 10 देशों की 14 महिलाओं ने भाग लिया। भाला फेंक में 7 देशों की 8 प्रतिभागी थी।

हैप्थलैन में 10 देशों की 16 खिलाड़ियों ने भाग लिया।परंतु भारत की किसी भी महिला प्रतिभागी ने योग्यता प्राप्त नहीं किया मिश्रित 4×400 मी. दौड़ में भारत की टीम फायनल में 6 वें स्थान पर रही। इस प्रकार उपरोक्त आंकड़ों का अध्ययन करने पर स्पष्ट हो जाता है कि भारत के पुरुष व महिला खिलाड़ियों में से विशेषकर महिलाओं को एथलेटिक्स के ऐसे कई इवेंट हैं। जिनमें प्रतिभाएं खोज करके उन्हें गहन प्रशिक्षण देना होगा। तभी हमारा देश विश्व खेलकूद के मंच पर अपना नाम स्थापित कर पायेगा।

Exclusive