विगत वर्षों की अपेक्षा जशपुर वनमण्डल में हाथियों से जनहानि में कमी
जशपुर : वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वनमण्डल अंतर्गत वन परिक्षेत्र बगीचा के परिसर महादेवडांड के वनकक्ष क्रमांक आर. एफ-1259 में दिनांक 09.08.2026 को लगभग 16 जंगली हाथियों का दल विवरण कर रहा था। हाथियों के विचरण की सूचना प्राप्त होते हीई वन विभाग द्वारा तत्काल सक्रियता बरतते हुए प्रभावित क्षेत्रों में हाथी गश्ती दल एवं आर.आर.टी. को तैनात कर लगातार निगरानी एवं गश्त प्रारंभ की गई। वन विभाग की टीम द्वारा प्रभावित ग्राम घोघर, सरईपानी, घुघरी, रेंगोला, महुआडीह एवं बोडापहरी में लगातार गश्त की गई। साथ ही ग्रामीणों को जंगली हाथियों के विचरण की जानकारी देते हुए माईक एवं सायरन के माध्यम से सतर्क किया जाता रहा तथा ग्रामीणों से हाथियों के संभावित आवागमन वाले क्षेत्रों में नहीं जाने एवं सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई।
इसी दौरान रात्रि लगभग 12:30 बजे, वनकक्ष क्रमांक आर. एफ.-1096 से लगे क्षेत्र में ग्राम घुघरी (कदमटोली) निवासी श्री मार्सेल लकड़ा, पिता श्री सोमा लकड़ा, जाति उरांव, उम्र लगभग 71 वर्ष, तहसील एवं थाना बगीचा, जिला जशपुर (छत्तीसगढ़), द्वारा अपनी निजी भूमि पर बनाई गई एक अस्थायी झोपड़ी में निवास किया जा रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार रात्रि में जंगली हाथी द्वारा उक्त अस्थायी झोपडी को क्षतिग्रस्त कर दिया गया तथा श्री मार्सेल लकड़ा को झोपड़ी से लगभग 03 मीटर की दूरी तक घसीटकर पटक दिया गया, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
घटनास्थल पर हाथी की मौजूदगी के प्रमाण मिले
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम, हाथी गश्ती दल एवं आर.आर.टी. तत्काल घटनास्थल पर पहुंची तथा आवश्यक वैधानिक एवं विभागीय कार्यवाही की गई। घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान जंगली हाथी के पदचिन्ह एवं गोबर पाए गए, जिससे घटनास्थल के आसपास हाथी की मौजूदगी की पुष्टि हुई। मौका पंचनामा एवं प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी। मृतक के भाई श्री जुलियस लकड़ा द्वारा उन्हें क्षेत्र में जंगली हाथियों के विचरण की जानकारी देते हुए ग्राम घुघरी ले जाने का प्रयास किया गया था, किंतु मृतक द्वारा गांव जाने से इंकार कर दिया गया और वे अपनी अस्थायी झोपड़ी में ही रुक गए। वन विभाग द्वारा लगातार निगरानी एवं गश्त जारी
घटना के उपरांत वन विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ कर दी गई है। हाथियों के दल की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। हाथी गश्ती दल एवं आर.आर.टी. द्वारा प्रभावित ग्रामों एवं हाथियों के संभावित आवागमन वाले क्षेत्रों में लगातार गश्त की जा रही है। वन विभाग द्वारा ग्रामीणों से अपील की गई है कि जंगली हाथियों के विचरण की सूचना मिलने पर जंगल अथवा हाथियों के संभावित मार्ग में न जाएं, रात के समय अकेले घर से बाहर न निकलें तथा हाथियों को देखने, उनका पीछा करने या उनके निकट जाने का प्रयास न करें। हाथियों की उपस्थिति की सूचना प्राप्त होने पर सुरक्षित स्थान पर रहें तथा वन विभाग की टीम द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
वन विभाग द्वारा हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों को माईक, सायरन एवं अन्य माध्यमों से लगातार सतर्क किया जा रहा है तथा हाथियों की गतिविधियों की निगरानी कर मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को न्यूनतम करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि जंगली हाथियों के संबंध में किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर तत्काल निकटतम वन अमले को सूचित करें और स्वयं हाथियों के निकट जाकर जोखिम न उठाएं।

