जशपुर : जिंदगी भर शासन और समाज की सेवा में अपना पसीना बहाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जब उनके हक के लिए संघर्ष करना पड़े, तो यह निराशाजनक स्थिति बन जाती है। केंद्र सरकार द्वारा अपने पेंशनरों को दिए जा चुके वित्तीय लाभ से छत्तीसगढ़ के लाखों पेंशनभोगी अभी भी वंचित हैं। इसी असंतोष और न्याय की आस के साथ बुधवार को जशपुर में पेंशनरों ने अपनी आवाज बुलंद की।
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ (छत्तीसगढ़ प्रदेश) के प्रांतीय आह्वान पर आज जिला शाखा जशपुर द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जशपुर कलेक्टर को सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार से मांग की गई है कि केंद्र सरकार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को भी जनवरी 2026 से देय 2% महंगाई राहत (DR) का आदेश अविलंब एरियर सहित जारी किया जाए।
केंद्र दे चुका लाभ, राज्य में अब भी इंतजार
ज्ञापन में पेंशनर्स संघ ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने जनवरी 2026 से ही अपने पेंशनरों को 2% महंगाई राहत (डी.आर.) की स्वीकृति देकर इसका भुगतान भी शुरू कर दिया है। लेकिन, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आज तक इस संबंध में आदेश जारी न किए जाने से राज्य के लाखों पेंशनरों में गहरा आक्रोश और निराशा व्याप्त है।
सहमति की प्रक्रिया पूरी, अब कोई कानूनी बाधा नहीं
पेंशनर्स महासंघ ने ध्यान दिलाया कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों के बीच पेंशन संबंधी सहमति (आपसी लेन-देन की प्रक्रिया) की औपचारिकताएं भी अब पूरी हो चुकी हैं। ऐसे में अब 2% महंगाई राहत का आदेश जारी करने में कोई तकनीकी या प्रशासनिक बाधा शेष नहीं रह गई है।
एकसूत्रीय मांग: “तत्काल जारी हो एरियर सह आदेश”
पेंशनरों की एकमात्र और प्रमुख मांग है कि:
“जनवरी 2026 से देय 2% महंगाई राहत (डी.आर.) का आदेश तत्काल एरियर सहित जारी कर त्वरित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।”
ज्ञापन सौंपते समय महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार के इस सकारात्मक और त्वरित निर्णय से राज्य के लाखों वरिष्ठ नागरिकों को इस महंगाई के दौर में बड़ी आर्थिक राहत और न्याय मिल सकेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ जशपुर के जिला अध्यक्ष रमेश नन्दे, सचिव मंगरा राम महतो सहित जिले के अनेक पेंशनभोगी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


