महासमुंद के सांकरा उपकेंद्र की क्षमता बढ़कर 143 एमवीए, लाखों उपभोक्ताओं के लिए गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति का मार्ग हुआ प्रशस्त, ओवरलोड और लो वोल्टेज से राहत.

महासमुंद के सांकरा उपकेंद्र की क्षमता बढ़कर 143 एमवीए, लाखों उपभोक्ताओं के लिए गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति का मार्ग हुआ प्रशस्त, ओवरलोड और लो वोल्टेज से राहत.

प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा पारेषण नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में महासमुंद जिले के 132/33 केवी उपकेंद्र सांकरा में स्थापित 40 एमवीए क्षमता के अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर का सफल ऊर्जीकरण सोमवार को प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर उपकेंद्र की रिक्त भूमि में पौधारोपण भी किया गया।

उपकेंद्र में पहले से 40 एमवीए एवं 63 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर स्थापित हैं। नए 40 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकरण के साथ उपकेंद्र की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 143 एमवीए हो गई है। यह कार्य मात्र एक माह 15 दिन में पूर्ण किया गया।

प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह के मार्गदर्शन में प्रदेश के पारेषण नेटवर्क को योजनाबद्ध ढंग से सुदृढ़ किया जा रहा है। आदिवासी, वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी विद्युत अधोसंरचना के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सांकरा उपकेंद्र में अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकरण से क्षेत्र के उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

उपकेंद्र में गत वर्ष पीक लोड सीजन के दौरान लगभग 96 एमवीए तक लोड दर्ज किया गया था, जिससे ओवरलोड एवं लो वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो रही थी। अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर के चालू होने से इन समस्याओं से राहत मिलेगी तथा लगभग 200 गांवों में बेहतर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होगी। यह क्षेत्र कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों के साथ अन्य औद्योगिक गतिविधियों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

सांकरा उपकेंद्र को 132 केवी सरायपाली तथा 132 केवी झलप पारेषण लाइनों से विद्युत आपूर्ति प्राप्त होती है तथा यहां से 33 केवी के 9 फीडरों के माध्यम से क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की जाती है। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 4 करोड़ रुपये है।

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