डिजिटल सुशासन की नई मिसाल बना ‘सेवा सेतु’
धमतरी में 441 से अधिक ऑनलाइन सेवाओं का मिल रहा सीधा लाभ
राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने हितग्राहियों को वितरित किए डिजिटल जाति प्रमाण पत्र
एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से आवेदन की ट्रैकिंग आसान, दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिली मुक्ति
रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन की डिजिटल सुशासन नीति से प्रदेश में आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का त्वरित और पारदर्शी लाभ मिलना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में धमतरी जिले में ‘सेवा सेतु’ पोर्टल के माध्यम से 441 से अधिक शासकीय सेवाएं एक ही एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे नागरिकों को अब सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से बड़ी राहत मिली है।
धमतरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने सेवा सेतु पोर्टल के ज़रिए ऑनलाइन जारी किए गए जाति प्रमाण पत्र हितग्राहियों को सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने पारदर्शी और समयबद्ध सेवा वितरण प्रणाली की सराहना की।
नागरिक-केंद्रित सोच का प्रभावी उदाहरण
राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सेवा सेतु पोर्टल राज्य सरकार की नागरिक-केंद्रित सुशासन सोच का जीवंत उदाहरण है। डिजिटल तकनीक के इस उपयोग से शासन और आम जनता के बीच की दूरी समाप्त हो रही है, जिससे हर नागरिक तक शासकीय सेवाएं पूरी पारदर्शिता, त्वरित गति और जवाबदेही के साथ पहुँच रही हैं।
एक ही छत के नीचे 441 से अधिक शासकीय सेवाएं
सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विभिन्न प्रमुख विभागों की डिजिटल सेवाएं आम जनता के लिए बेहद सरल बना दी गई हैं। राजस्व एवं प्रमाण पत्र सेवाओं के तहत आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, नामांतरण और भू-अभिलेख से जुड़ी सेवाएं दी जा रही है। सामाजिक एवं नागरिक सेवाओं के तहत विवाह पंजीयन, नाम में संशोधन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है। इसी तरह श्रम एवं अन्य विभागों से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही है।
समय और धन दोनों की बचत
सेवा सेतु पोर्टल में नागरिकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन आवेदन ट्रैकिंग और निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदनों के निराकरण की पारदर्शी व्यवस्था की गई है। इस नई व्यवस्था से जहां आम नागरिकों के समय और धन दोनों की बचत हो रही है, वहीं पूरी प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनी है।
डिजिटल तकनीक का यह नवाचार छत्तीसगढ़ में सुशासन (Good Governance) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

