लोयोला महाविद्यालय कुनकुरी के विदाई समारोह में गूंजा प्रेरणा का संदेश, प्राचार्य बोले—”डिग्री नहीं, उद्देश्य और चरित्र बनाते हैं सफल इंसान”

लोयोला महाविद्यालय कुनकुरी के विदाई समारोह में गूंजा प्रेरणा का संदेश, प्राचार्य बोले—”डिग्री नहीं, उद्देश्य और चरित्र बनाते हैं सफल इंसान”

कुनकुरी : लोयोला महाविद्यालय, कुनकुरी में आयोजित स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों का विदाई समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने वाला प्रेरणादायी आयोजन बन गया। भावनाओं, उत्साह और प्रेरणा से सराबोर इस अवसर पर कनिष्ठ विद्यार्थियों ने अपने वरिष्ठ साथियों को आत्मीय विदाई दी, वहीं शिक्षकों ने सफलता की राह पर आगे बढ़ने के लिए जीवन के अनमोल संदेश दिए। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फा. तेलेस्फोर लकड़ा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर संस्था के प्रबंधक फा. जेरोम मिंज, उप प्राचार्य मार्टिन मंगल तिर्की, डीन ऑफ साइंस डॉ. फा. इग्नस किण्डो, वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक श्रीमती कंचन बेक, वरिष्ठ विद्यार्थी यसर हुसैन एवं आयुषी मिंज सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

अपने ओजस्वी संबोधन में प्राचार्य डॉ. फा. तेलेस्फोर लकड़ा ने विद्यार्थियों से कहा कि “जीवन में केवल ऊँचा पद पाने का सपना मत देखिए, बल्कि ऐसा उद्देश्य चुनिए जो समाज और मानवता के लिए सार्थक हो।” उन्होंने कहा कि करियर केवल रोजगार का माध्यम है, लेकिन जीवन की वास्तविक सफलता इस बात से तय होती है कि हम कितने लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सके। डॉक्टर का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि उसका सबसे बड़ा लक्ष्य धन कमाना नहीं, बल्कि जीवन बचाना होता है। यही सोच हर युवा को अपने जीवन का आधार बनानी चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता के चार मजबूत सूत्र देते हुए कहा कि डिग्री हासिल करने के बाद सीखना कभी बंद नहीं होना चाहिए। बदलते तकनीकी दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल तकनीक और नई कार्यप्रणालियों को अपनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि मजबूत चरित्र, ईमानदारी, अनुशासन और सेवा भावना ही व्यक्ति को समाज में सम्मान दिलाती है। जीवन में आने वाली कठिनाइयों से घबराने के बजाय उन्हें अवसर मानकर आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि जीवन की परीक्षा का कोई निश्चित पाठ्यक्रम नहीं होता और हर चुनौती का उत्तर केवल मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास से दिया जा सकता है।

समारोह के विशिष्ट अतिथि एवं संस्था के प्रबंधक फा. जेरोम मिंज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज नवाचार, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में युवाओं की भूमिका केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें अपने ज्ञान, रचनात्मक सोच और संसाधनों के बेहतर उपयोग से समाज के विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में सकारात्मक सोच, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी को अपनाने का आह्वान किया।

विदाई समारोह को यादगार बनाने के लिए कनिष्ठ विद्यार्थियों ने स्वागत गीत, आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नृत्य, कविता और शेरो-शायरी से समां बांध दिया। वहीं वरिष्ठ विद्यार्थियों अमन वर्मा और माधवी यादव ने महाविद्यालय में बिताए अपने यादगार अनुभव साझा करते हुए शिक्षकों, साथियों और संस्थान के प्रति भावुक शब्दों में आभार व्यक्त किया। तालियों की गूंज, मुस्कुराते चेहरों और नम आंखों के बीच संपन्न हुआ यह समारोह विद्यार्थियों के लिए जीवनभर याद रहने वाला प्रेरक पड़ाव बन गया, जहां उन्हें केवल विदाई ही नहीं, बल्कि सफल और उद्देश्यपूर्ण जीवन की अमूल्य सीख भी मिली।

Jashpur