खरीफ सीजन के लिए कृषि विभाग पूरी तरह तैयार, जशपुर में खाद-बीज की नहीं होगी कोई कमी, अफवाहों से बचने और अनावश्यक भंडारण न करने की अपील

खरीफ सीजन के लिए कृषि विभाग पूरी तरह तैयार, जशपुर में खाद-बीज की नहीं होगी कोई कमी, अफवाहों से बचने और अनावश्यक भंडारण न करने की अपील

जशपुर जिले में खाद और बीज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध

शासन द्वारा निर्धारित दरों पर सहकारी समितियों से करें खरीदी, अनावश्यक भंडारण व अफवाहों से बचें : कृषि विभाग

जशपुर : खरीफ फसल की बुवाई के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जशपुर जिले की सभी सहकारी समितियों में रासायनिक खाद एवं प्रमाणित बीज का पर्याप्त भंडारण कराया गया है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें तथा अपने निकटतम सहकारी समिति से शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर खाद एवं बीज प्राप्त करें। उप संचालक कृषि श्री एमआर भगत ने बताया कि जिले में वर्तमान में कुल 5056.740 मीट्रिक टन रासायनिक खाद उपलब्ध है। इसमें यूरिया 2283.140 मीट्रिक टन, डीएपी 1401.050 मीट्रिक टन, एनपीके 524.540 मीट्रिक टन, सुपर फॉस्फेट 467.500 मीट्रिक टन तथा म्यूरेट ऑफ पोटाश 380.510 मीट्रिक टन का पर्याप्त भंडार शामिल है। इसके अतिरिक्त किसानों को उर्वरकों के संतुलित एवं आधुनिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नैनो यूरिया की 5,124 बोतल तथा नैनो डीएपी की 6,421 बोतल, कुल 11,545 बोतलें भी सहकारी समितियों में उपलब्ध कराई गई हैं।

 बीज उपलब्धता की जानकारी देते हुए कृषि विभाग ने बताया कि जिले में धान का 1454 क्विंटल, अरहर का 88 क्विंटल, उड़द का 457.64 क्विंटल, मूंगफली का 10 क्विंटल, रामतिल का 8.14 क्विंटल तथा तिल का 0.72 क्विंटल प्रमाणित बीज सहकारी समितियों एवं कृषि विभाग के माध्यम से उपलब्ध है। कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार खाद एवं बीज का उठाव अपने निकटतम सहकारी समिति से ही करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद एवं बीज की किसी प्रकार की कमी नहीं है तथा सभी आवश्यक कृषि आदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उप संचालक कृषि ने किसानों से शासन द्वारा निर्धारित दरों पर ही खाद एवं बीज खरीदने तथा अनावश्यक भंडारण अथवा भ्रम फैलाने वाली अफवाहों से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई एवं उत्पादन प्रभावित न हो।

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