बेहतर दोषसिद्धि की दिशा में रायपुर पुलिस की बड़ी सफलता, उत्तर प्रदेश से दो बेल जंपर स्थायी वारंटी गिरफ्तार
रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के साथ-साथ एनडीपीएस प्रकरणों में प्रभावी अभियोजन एवं अधिकतम दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष Trial Monitoring Campaign संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत ऐसे मामलों को प्राथमिकता से चिन्हांकित किया गया, जिनमें अभियुक्तों के न्यायालय में अनुपस्थित रहने के कारण विचारण अंतिम चरण में लंबित था।
इसी अभियान के तहत पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल ज़ोन) श्री तारकेश्वर पटेल के निर्देशन एवं सुपरविजन में थाना गंज पुलिस द्वारा माननीय विशेष न्यायालय (एनडीपीएस), रायपुर से जारी दो स्थायी गिरफ्तारी वारंटों की तामील करते हुए उत्तर प्रदेश से दो फरार बेल जंपर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण निम्नानुसार है—
1. योगेश हरिजन, पिता राम कृपाल, उम्र 27 वर्ष, निवासी कटवारूपुर, हनुमानगंज, थाना सराय इनायत, जिला प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)।
2. जयबिग वर्मा, पिता स्व. दयाराम वर्मा, उम्र 32 वर्ष, निवासी ताखा पश्चिम, थाना शाहगंज, जिला जौनपुर (उत्तर प्रदेश)।
दोनों आरोपियों को पूर्व में थाना गंज के एनडीपीएस प्रकरणों में गिरफ्तार किया गया था, किन्तु जमानत पर रिहा होने के पश्चात वे लगातार न्यायालय में अनुपस्थित रहे तथा बेल जंप कर फरार हो गए। इनके विरुद्ध माननीय विशेष न्यायालय (एनडीपीएस), रायपुर द्वारा स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे। दोनों मामलों में विचारण अंतिम चरण में था, परंतु अभियुक्तों की अनुपस्थिति के कारण अंतिम निर्णय लंबित था।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा ऐसे सभी लंबित प्रकरणों का विश्लेषण कर बेल जंपर आरोपियों को चिन्हांकित किया गया तथा विभिन्न राज्यों में विशेष टीमों को भेजकर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा रही है। इसी अभियान के अंतर्गत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आज माननीय विशेष न्यायालय (एनडीपीएस), रायपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
ट्रायल मॉनिटरिंग से मिल रहे उल्लेखनीय परिणाम
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा एनडीपीएस मामलों में की जा रही सतत ट्रायल मॉनिटरिंग के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। दिनांक 30 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार—
कुल दोषसिद्धि प्रकरण 89 से बढ़कर 128 हो गए, जो 43.8% की वृद्धि है।
दोषसिद्ध अपराधियों की संख्या 161 से बढ़कर 206 हुई, जो 28% की वृद्धि दर्शाती है।
10 वर्ष से अधिक सजा वाले मामलों में सर्वाधिक सुधार दर्ज किया गया, जहां दोषसिद्धि प्रकरण 14 से बढ़कर 37 हुए, अर्थात 164.3% की वृद्धि।
10 वर्ष से अधिक सजा प्राप्त दोषियों की संख्या 34 से बढ़कर 71 हुई, जो 108.8% की उल्लेखनीय वृद्धि है।
यह सफलता समयबद्ध साक्ष्य प्रस्तुतिकरण, गवाहों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, फरार एवं बेल जंपर आरोपियों की गिरफ्तारी तथा अभियोजन के सतत समन्वय का प्रतिफल है।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट भविष्य में भी एनडीपीएस प्रकरणों में फरार आरोपियों के विरुद्ध इसी प्रकार प्रभावी कार्रवाई जारी रखेगा, ताकि प्रत्येक प्रकरण का शीघ्र निराकरण हो तथा मादक पदार्थों से जुड़े अपराधियों को कानून के अनुसार कठोर दंड दिलाया जा सके।

