जशपुर में स्वास्थ्य सेवाओं पर कलेक्टर का सख्त फोकस, 102-108 एम्बुलेंस 24×7 सक्रिय रखने के निर्देश, नवजात को अस्पताल से छुट्टी से पहले मिलेगा जन्म प्रमाण-पत्र

जशपुर में स्वास्थ्य सेवाओं पर कलेक्टर का सख्त फोकस, 102-108 एम्बुलेंस 24×7 सक्रिय रखने के निर्देश, नवजात को अस्पताल से छुट्टी से पहले मिलेगा जन्म प्रमाण-पत्र

102, 108 और 1099 एम्बुलेंस सेवाएं हर समय रहें सक्रिय

अस्पताल से छुट्टी से पहले नवजात का बने जन्म प्रमाण-पत्र

सर्पदंश और रैबीज के मरीजों को मिले तत्काल निःशुल्क उपचार

एचपीवी टीकाकरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर जोर

कलेक्टर श्री व्यास ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा कर दिए निर्देश

जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाओं, संस्थागत प्रसव, एचपीवी टीकाकरण, सिकलसेल, टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, एनसीडी, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक प्रभावी, सुलभ एवं जन-केंद्रित बनाते हुए प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला स्वास्थ्य समिति के सदस्य, समस्त नोडल अधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी, सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम, बीडीएम, परियोजना अधिकारी एवं मितानिन समन्वयक मौजूद रहे।

102, 108 और 1099 एम्बुलेंस सेवाएं हर समय रहें सक्रिय –

कलेक्टर श्री व्यास ने 102, 108 एवं 1099 एम्बुलेंस सेवाओं की समीक्षा करते हुए इन्हें हर समय सक्रिय एवं जरूरतमंद मरीजों के लिए उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस सेवा मरीजों के लिए जीवनरक्षक की भूमिका निभाती है, इसलिए इनके संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में स्वास्थ्य जांच के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को 102 एम्बुलेंस के माध्यम से सुरक्षित रूप से वापस उनके घर तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए।

पीवीटीजी बसाहटों के साथ अन्य क्षेत्रों में भी पहुंचेगी मोबाइल मेडिकल यूनिट –

कलेक्टर ने विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों के लिए संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से पीवीटीजी बसाहटों के अलावा अन्य जरूरतमंद बसाहटों में भी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर मेले आयोजित होते हैं अथवा पांच हजार से अधिक लोगों की आमसभा या बड़ा आयोजन होता है, वहां भी मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

अस्पताल से छुट्टी से पहले नवजात को मिले जन्म प्रमाण-पत्र –

कलेक्टर ने सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में जन्म लेने वाले बच्चों का अस्पताल से छुट्टी होने से पहले ही जन्म प्रमाण-पत्र जारी करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे नवजात बच्चों का समय पर आधार कार्ड बन सकेगा और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने सभी संस्थागत प्रसव के मामलों में जननी सुरक्षा योजना की राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि पात्र माताओं को योजना का लाभ बिना किसी अनावश्यक विलंब के मिल सके।

सर्पदंश और रैबीज के मरीजों को मिले तत्काल निःशुल्क उपचार –

बरसात के मौसम में सर्पदंश एवं कुत्ते के काटने से रैबीज के खतरे को देखते हुए कलेक्टर ने सभी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन सहित आवश्यक दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सर्पदंश अथवा कुत्ते के काटने से संबंधित मरीज अस्पताल पहुंचने पर उन्हें तत्काल एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाए। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए।

गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश –

बैठक में बताया गया कि गर्भवती महिलाओं का अनुपातिक लक्ष्य के विरुद्ध 71 प्रतिशत पंजीयन हुआ है, जिसमें प्रथम तिमाही में 92 प्रतिशत पंजीयन तथा 92 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं की चार एएनसी जांच पूरी हुई है। कलेक्टर ने सभी गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत एएनसी पंजीयन आरसीएच पोर्टल पर ऑनलाइन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर एएनसी पंजीयन, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं, शिशु पंजीयन एवं टीकाकरण से संबंधित आंकड़ों को दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने ‘रीचिंग एवरी डिलीवरी’ (रेड) कॉल सेंटर के माध्यम से गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं के मोबाइल नंबरों के सत्यापन की भी समीक्षा की। समीक्षा के दौरान पत्थलगांव में 141 असफल कॉल सामने आने पर उन्होंने आरसीएच पोर्टल में गर्भवती महिला का स्वयं का अथवा उसके परिवार के किसी सदस्य का सक्रिय मोबाइल नंबर ही दर्ज करने के निर्देश दिए, ताकि जरूरत के समय उनसे आसानी से संपर्क किया जा सके और आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराया जा सके।

14 वर्ष पूर्ण कर चुकी बालिकाओं का शत-प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण हो –

कलेक्टर ने सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी पात्र बालिकाओं के एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार एवं अभिभावकों की प्रभावी काउंसिलिंग करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक पात्र बालिकाओं को समय पर टीका लगाकर भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे से सुरक्षित किया जा सके।

सिकलसेल, टीबी, कुष्ठ, मलेरिया और आयुष्मान सहित राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा –

बैठक में सिकलसेल, टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, गैर-संचारी रोगों (एनसीडी), ओरल हेल्थ, आईडीएसपी, नियमित टीकाकरण, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) और आयुष्मान कार्ड सहित सभी प्रमुख राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी कार्यक्रमों में शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने तथा पात्र हितग्राहियों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में जिला अस्पताल के एमसीएच भवन में सीपेज की समस्या से कलेक्टर को अवगत कराया गया। कलेक्टर ने एमसीएच भवन सहित अन्य स्वास्थ्य भवनों में जहां भी सीपेज की समस्या है, उनका निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य के लिए प्राक्कलन तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी -कर्मचारियों को आधार आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली के माध्यम से नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यालयीन कार्यों को ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से संचालित करने को कहा। उन्होंने कहा कि डिजिटल कार्यप्रणाली से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने के साथ पारदर्शिता एवं जवाबदेही भी मजबूत होगी।

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