तस्कर पुलिस को देखकर वाहन छोड़ जंगल के रास्ते फरार, अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध दर्ज.
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में गौ-वंश तस्करी के विरुद्ध लगातार जारी है सख्त अभियान.
रायगढ़ : रायगढ़ पुलिस के “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत लैलूंगा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड ले जाए जा रहे सात गौ-वंशों को सुरक्षित बचा लिया। पुलिस के अनुसार मुखबिर की सूचना पर की गई नाकेबंदी के दौरान बोलेरो पिक-अप को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन छोड़कर जंगल के रास्ते फरार हो गया। वाहन से पांच गाय और दो बछड़े कथित रूप से अमानवीय परिस्थितियों में मिले। पुलिस ने वाहन और गौ-वंशों को जब्त कर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज किया है तथा फरार चालक की तलाश जारी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में गौवंशों की अवैध तस्करी एवं पशुओं के साथ क्रूरता पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से “ऑपरेशन शंखनाद” निरंतर चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 27 जून 2026 को थाना लैलूंगा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झारखंड के बूचड़खाने ले जाए जा रहे सात गौवंशों को सुरक्षित बचाया तथा परिवहन में प्रयुक्त बोलेरो पिकअप वाहन जब्त किया।
थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि बोलेरो पिक-अप वाहन क्रमांक JH-01-FL-9697 में मवेशियों को अवैध एवं क्रूरतापूर्वक भर कर झारखंड स्थित बूचड़खाने ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने पुलिस टीम के साथ सोनाजोरी-बरदरहा जंगल मार्ग पर नाकेबंदी कर घेराबंदी की। कुछ समय बाद संदिग्ध बोलेरो पिक-अप वहां पहुंची, जिसे पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर चालक वाहन छोड़कर जंगल के रास्ते फरार हो गया। आसपास काफी तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चल सका।
पुलिस द्वारा वाहन की तलाशी लेने पर उसमें 05 गाय एवं 02 बछुआ, कुल 07 गौ-वंश अत्यंत अमानवीय परिस्थितियों में भूखे-प्यासे भरकर ले जाए जाते मिले। मौके पर गवाहों की उपस्थिति में लगभग 35 हजार रुपये मूल्य के 07 गौ-वंश तथा करीब 3 लाख रुपये मूल्य की बोलेरो पिक-अप सहित कुल 3 लाख 35 हजार रुपये की संपत्ति जब्त कर पुलिस कब्जे में ली गई। मामले में अज्ञात चालक के विरुद्ध थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 208/2026 के तहत छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 एवं 11 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है। फरार आरोपी की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन पर इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गिरधारी साव, प्रधान आरक्षक एडमोन खेस, प्रधान आरक्षक नंद कुमार पैंकरा, आरक्षक राजू तिग्गा एवं आरक्षक अभय मिंज की सराहनीय भूमिका रही है।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश – “गौ–वंशों की अवैध तस्करी और उनके साथ क्रूरता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के माध्यम से ऐसे अपराधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। जिले की सीमाओं पर निगरानी और सघन जांच आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।”

