जशपुर जिले के 44 सहकारी समितियों में बीज – खाद की पर्याप्त उपलब्धता
समय पर मिल रहे संसाधन, संतुलित उर्वरक उपयोग और हरी खाद को बढ़ावा देने पर कृषि विभाग का जोर
जशपुर : खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए जिले में किसानों को बीज, खाद एवं कृषि ऋण की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार जिले की आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों में बीज एवं उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है तथा किसानों को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अनुशंसित मात्रा के अनुसार रासायनिक उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। इससे किसानों को खेती-किसानी के लिए आवश्यक संसाधन आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं। उप संचालक कृषि ने बताया कि किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे और फसल उत्पादन में वृद्धि हो सके। विभागीय मैदानी अमलों द्वारा गांव-गांव पहुंचकर किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के साथ-साथ हरी खाद अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने खेतों में हरी खाद का अधिक उपयोग करें, जिससे मिट्टी में नाइट्रोजन एवं फास्फेट जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की प्राकृतिक रूप से पूर्ति हो सके।
जिले में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सहकारी समितियों का दायरा भी बढ़ाया गया है। पहले जिले में 24 आदिम जाति सेवा सहकारी समितियां संचालित थीं, जिन्हें बढ़ाकर अब 44 कर दिया गया है। समितियों की संख्या बढ़ने से किसानों को खाद एवं बीज प्राप्त करने के लिए दूर नहीं जाना पड़ रहा है, जिससे समय और परिवहन खर्च दोनों की बचत हो रही है। वर्तमान में जिले की 44 सहकारी समितियों में विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का कुल 9,285 मीट्रिक टन भंडारण किया गया है। इनमें से अब तक 3,681.515 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसी प्रकार धान बीज का 6,836.30 क्विंटल भंडारण किया गया है, जिसमें से 1,872.30 क्विंटल बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है। समितियों में बीज एवं खाद का भंडारण लगातार जारी है, ताकि आगामी आवश्यकता के अनुसार किसानों को सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
कृषि ऋण वितरण के क्षेत्र में भी जिले ने उल्लेखनीय प्रगति की है। सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 10,187 किसानों को खेती-किसानी के लिए कुल 3,779.12 लाख रुपये का कृषि ऋण वितरित किया गया है। इसमें 3,133.08 लाख रुपये नगद तथा 646.04 लाख रुपये वस्तु ऋण के रूप में प्रदान किए गए हैं। इस ऋण का उपयोग किसान खेती की लागत, बीज, उर्वरक एवं अन्य कृषि कार्यों में कर रहे हैं, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता और आय में वृद्धि हो रही है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले के किसानों को खाद, बीज एवं कृषि ऋण प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में सामग्री उपलब्ध है और किसानों को समय पर आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

