शादी का झांसा देकर युवती का शारीरिक शोषण करने वाला आरोपी भेजा गया रिमांड पर.
इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई पहचान, अविवाहित बताकर युवती को प्रेमजाल में फंसाया था आरोपी.
“अभियान संवेदना” के तहत पूंजीपथरा पुलिस की त्वरित कार्रवाई में युवती से दुष्कर्म के अपराध में आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार.
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह – “महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाना रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
रायगढ़ : महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर सख्त कार्रवाई के तहत रायगढ़ पुलिस ने “अभियान संवेदना” के अंतर्गत एक बड़ी सफलता हासिल की है। इंस्टाग्राम के जरिए युवती को प्रेमजाल में फंसाकर शादी का झांसा देने और लंबे समय तक शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को पूंजीपथरा पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर संचालित “अभियान संवेदना” के तहत पूंजीपथरा पुलिस ने महिला संबंधी अपराध में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी ने युवती को शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया था तथा बाद में विवाह से इंकार कर दिया था।
प्रकरण में थाना धरमजयगढ़ क्षेत्र की रहने वाली 22 वर्षीय युवती ने दिनांक 11 जून 2026 को थाना पूंजीपथरा में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि फरवरी 2025 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से उसकी पहचान सागर सारथी पिता हबूचंद सारथी, उम्र करीब 25 वर्ष, निवासी ग्राम चांदागढ़ (तमता), तहसील पत्थलगांव, जिला जशपुर (छ.ग.) से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने स्वयं को अविवाहित बताया और तराईमाल स्थित प्लांट में कार्यरत होना बताया। आरोपी लगातार युवती को पत्नी बनाकर रखने और विवाह करने का आश्वासन देता रहा।
पीड़िता के अनुसार, दिनांक 23 जुलाई 2025 को आरोपी ने उसे फोन कर तराईमाल बुलाया और मजदूर क्वार्टर में ले जाकर पत्नी बनाकर रखने का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित किया। इसके बाद आरोपी लगातार उसे अपने क्वार्टर में पत्नी की तरह रखकर उसका दैहिक शोषण करता रहा। अगस्त 2025 में जब युवती गर्भवती हो गई, तब आरोपी ने उसका पालन-पोषण नहीं कर पाने की बात कहते हुए उसे उसके घर धरमजयगढ़ भेज दिया।
पीड़िता ने बताया कि इसके बाद भी आरोपी उसके घर आता-जाता रहा और विवाह करने की बात करता रहा। जब पीड़िता ने आरोपी से अपने साथ रखने की बात कही, तब आरोपी ने बताया कि उसकी पहली पत्नी गर्भवती है तथा उसका पीड़िता से कोई संबंध नहीं है। आरोपी ने पीड़िता से अपने परिजनों द्वारा कहीं अन्यत्र विवाह करा देने की बात कहने को कहा तथा नहीं तो जान से मारकर फेंक देने की धमकी भी दी।
पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना पूंजीपथरा में अपराध क्रमांक 141/2026 के तहत धारा 69 एवं 351(3) बीएनएस के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए महिला पुलिस अधिकारी द्वारा पीड़िता का कथन दर्ज कराया गया तथा उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन एवं एएसपी श्री अनिल सोनी, डीएसपी सुशांतो बनर्जी मार्गदर्शन में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तत्काल टीम गठित कर दबिश दी गई। पुलिस टीम ने आरोपी को सिंघल पावर प्लांट लेबर कॉलोनी, तराईमाल से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी सागर सारथी ने पीड़िता के साथ प्रेम संबंध होने तथा उसे गर्भवती करने की बात स्वीकार की। आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया तथा उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी – सागर सारथी, पिता हबूचंद सारथी, उम्र करीब 25 वर्ष, निवासी ग्राम चांदागढ़ (तमता), तहसील पत्थलगांव, जिला जशपुर (छ.ग.), हाल मुकाम सिंघल पावर प्लांट लेबर कॉलोनी, तराईमाल, थाना पूंजीपथरा, जिला रायगढ़।
“अभियान संवेदना” के तहत त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, उपनिरीक्षक दिलीप बेहरा एवं हमराह स्टॉफ की सराहनीय भूमिका रही है।

