रायगढ़ को मिली हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन : अब घटना-स्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संकलन और डिजिटल जांच होगी तेज, महापौर एवं एसएसपी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना.

रायगढ़ को मिली हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन : अब घटना-स्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संकलन और डिजिटल जांच होगी तेज, महापौर एवं एसएसपी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना.

इस अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पुलिस और न्याय व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों से सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। रायगढ़ में क्षेत्रीय एफएसएल लैब की स्थापना और अब मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट की शुरुआत से अपराध जांच प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री ने सुशासन तिहार के दौरान रायगढ़ में क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल लैब) का शुभारंभ किया था। इस प्रयोगशाला से रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस जांच व्यवस्था को नई मजबूती मिली है। अब अधिकांश वैज्ञानिक परीक्षण स्थानीय स्तर पर ही संभव होने से जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सकेगा।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने इसे पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों में जिले को साइबर थाना, क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला और डायल-112 के लिए 16 आधुनिक ईआरवी वाहन मिले हैं। अब मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट जुड़ने से घटनास्थल पर तत्काल पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संग्रहण और परीक्षण किया जा सकेगा, जिससे अपराधियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी।

उप संचालक एफएसएल एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ.पी.एस. भगत ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के तहत अब गंभीर अपराधों और बड़ी दुर्घटनाओं में फॉरेंसिक टीम की तत्काल मौजूदगी अनिवार्य हो गई है। ऐसे में यह मोबाइल यूनिट मौके पर पहुंचकर त्वरित वैज्ञानिक परीक्षण कर सकेगी, जिससे जांच की गुणवत्ता और विश्वसनीयता दोनों बढ़ेंगी। मोबाइल फॉरेंसिक वैन अत्याधुनिक तकनीकों और “लैब ऑन व्हील्स” सुविधा से सुसज्जित है, जिसके माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संकलन एवं डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा सकेगा। वैन में हाईटेक सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर, सैंपल कलेक्शन लैब, फिंगरप्रिंट डेवलपमेंट किट, डीएनए सैंपल संग्रह उपकरण, हाई-इंटेंसिटी लाइट सोर्स, डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स, बुलेट होल एवं जीएसआर जांच किट, दस्तावेजीकरण उपकरण तथा जीपीएस आधारित बॉडी वॉर्न कैमरा जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे घटनास्थल पर ही महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य सुरक्षित किए जा सकेंगे, जो अपराधियों के खिलाफ मजबूत अभियोजन तैयार करने में मददगार साबित होंगे।

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