विशेष लेख : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर बना फलों की खेती का उभरता केंद्र, मनोरा-बगीचा क्षेत्र के 410 किसान सेब उत्पादन से हो रहे आर्थिक रूप से सशक्त, जिले की कृषि व्यवस्था में आ रहा ऐतिहासिक बदलाव

विशेष लेख : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर बना फलों की खेती का उभरता केंद्र, मनोरा-बगीचा क्षेत्र के 410 किसान सेब उत्पादन से हो रहे आर्थिक रूप से सशक्त, जिले की कृषि व्यवस्था में आ रहा ऐतिहासिक बदलाव

जशपुर के किसान सेब की खेती से बने आर्थिक रूप से मजबूत, फलों की खेती से जिले की बन रही है नई पहचान, 410 किसान ने अपनाया सेब की खेती

जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर के किसानों को फलों की खेती के प्रति प्रोत्साहित किया जा रहा है। जशपुर जिला अब खेती और बागवानी के क्षेत्र में अपनी एक नई पहचान बना रहा है। जिला प्रशासन और रूरल डेवलपमेंट एंड डेवलपमेंट सोसायटी नाबार्ड के संयुक्त प्रयास से मनोरा और बगीचा विकास खंड में सेब की खेती ने सफलता हासिल की है।

वर्ष 2023 में आदिवासी किसानों ने सेब की खेती की शुरुआत की थी वर्तमान में लगभग 410 एकड़ भूमि पर लगाए गए सेब के पौधों में इस वर्ष बेहतर आकार और उत्कृष्ट गुणवत्ता के फल आए हैं। किसानों ने बताया कि जशपुर में उगाए गए सेब स्वाद में कश्मीर और हिमाचल प्रदेशों के सेब से किसी भी तरह कम नहीं है।

मनोर और बगीचा विकास खंड का तापमान और जलवायु सेब की खेती के लिए उपयुक्त है। शैला ,छतौरी, करदना के आस पास के गांव में सेब की खेती बेहतर तरीके से की जा रही है। बगीचा विकास खंड के ग्राम छिछली में भी किसानों द्वारा सेब का उत्पादन किया जा रहा है।

जशपुर के किसानों ने फल उत्पादन को अपनाने से जीवन स्तर में बदलाव आ रहा है और किसान आर्थिक रूप से मजबूत बन रहें हैं। रूरल डेवलपमेंट एंड डेवलपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष श्री राजेश गुप्ता ने बताया कि जशपुर जिले के लगभग410 एकड़ में सेब की खेती कर रहे हैं। और धान के अलावा अन्य फसलों को किसान अपना रहें हैं।

प्रत्येक किसान अपने 1 एकड़ के खेत में सेब की खेती करते है इस प्रकार जिले में कुल 410 किसान सेब की खेती से सीधे जुड़े हैं।

सहायक संचालक जनसंपर्क श्रीमती नूतन सिदार

Jashpur