मामूली विवाद में तलवार लहराते मारपीट करने की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अंबिकापुर की त्वरित कार्यवाही.
आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त तलवार जप्त कर 03 को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
अंबिकापुर : मामूली विवाद ने अंबिकापुर में उस समय हिंसक रूप ले लिया जब तीन युवक तलवार लेकर हमला करने पहुंच गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया, लेकिन थाना कोतवाली अंबिकापुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त तलवार भी बरामद कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार घटना का विवरण इस प्रकार है की आवेदिका अंजनी सारथी पति तहसील सारथी निवासी महामाया पेट्रोल पम्प के पीछे खटिक पारा नमनाकला अंबिकापुर ने कोतवाली अंबिकापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 13 मार्च 2026 को मोहल्ले के लेदरी ने मामूली विवाद पर अपने साथी गोपी एवं गोलू के साथ हाथ में तलवार लेकर आया एवं हत्थे से सिर पर वार किया जिससे आवेदक को चोटें आई है।
प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना अम्बिकापुर कोतवाली में अपराध क्रमांक 174/2025 धारा 296,351(2), 115(2),3(5) बीएनएस (BSN) एवं 25,27 आर्म्स एक्ट पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया, तीनों आरोपी घटना के बाद से फरार थे। विवेचना के दौरान प्रकरण के तीनों आरोपियों की पता तलाश की जा रही थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर नगर पुलिस अधीक्षक श्री राहुल बंसल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में पुलिस टीम के साथ आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, जहाँ आरोपी -1. सूर्या सोनवानी उर्फ लेदरी पिता घाना सोनवानी उम्र 19 वर्ष निवासी झंझटपारा नामनाकला अंबिकापुर जिला सरगुजा, 2. गोपी चौधरी पिता शिवबली चौधरी उम्र 27 वर्ष निवासी नमनाकला खटिकपारा अम्बिकापुर, जिला सरगुजा, 3. रवि गुप्ता उर्फ गोलू पिता नन्दकिशोर गुप्ता उम्र 24 वर्ष निवासी नमनाकला अम्बिकापुर जिला सरगुजा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिन्होंने अपना जुर्म स्वीकार किया। आरोपी के कब्जे से एक नग लोहे की तलवार जप्त कर विवेचना में अग्रिम कार्यवाही करते दिनांक 14 मई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
उपनिरीक्षक के.के.यादव, प्रधान आरक्षक रजनीकांत मिश्रा, प्रधान आरक्षक सियाराम मरावी, प्रधान आरक्षक सतीश सिंह, आरक्षक विवेक राय, आरक्षक नितिन सिन्हा, आरक्षक लालभुवन सिंह, आरक्षक अमित विश्वकर्मा की इस प्रकरण की कार्यवाही में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

