हिस्सा बटवारा को लेकर भाई की हत्या करने वाले हत्यारे भाई और भाभी को चौकी चेन्द्रा पुलिस ने किया गिरफ्तार.
सूरजपुर : सूरजपुर जिले के चेंद्रा चौकी क्षेत्र में जमीन के हिस्सा बंटवारे का विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। मामूली कहासुनी के बाद बड़े भाई और भाभी ने मिलकर छोटे भाई पर ईंट से हमला कर दिया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने हत्या के इस सनसनीखेज मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी भाई और भाभी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
दिनांक 19 अप्रैल 2026 को ग्राम चन्द्रमेढ़ा निवासी कलेश्वर टोप्पो ने चौकी चेन्द्रा में रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 17 अप्रैल 2026 को इसके बड़े पिता धर्मदेव टोप्पो व उसकी पत्नी सुषमा के द्वारा जमीन हिस्सा बंटवारा को लेकर महेन्द्र टोप्पो को ईंट से मारपीट कर चोट पहुंचाए हैं। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 85/2026 धारा 296, 115(2), 351(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया था।
डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने मामले की बारीकी से विवेचना करने के निर्देश दिए थे। चौकी चेन्द्रा पुलिस द्वारा मामले की विवेचना के दौरान दिनांक 19 अप्रैल 2026 को आहत महेंद्र टोप्पो उम्र 50 वर्ष का मुलाहिजा सीएचसी भैयाथान में कराया गया, जहां से डॉक्टर द्वारा उसे जिला चिकित्सालय सूरजपुर रेफर किए जाने के बाद जिला अस्पताल अम्बिकापुर, संकल्प हास्पिटल अम्बिकापुर में दिनांक 07 मई 2026 तक उपचार कराए किन्तु ठीक नहीं हुआ, जिसे वापस घर ले आए जहां दिनांक 08 मई 2026 की सुबह उसकी मृत्यु हो गई।
आहत महेन्द्र टोप्पो की मृत्यु की सूचना पर चौकी चेंद्रा पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर मृतक का पीएम कराया गया। डॉक्टर द्वारा पीएम रिपोर्ट में मृतक की मृत्यु हत्यात्मक प्रकृति का होना लेख किए जाने पर मामले में आरोपियों के विरुद्ध धारा 103(1), 3(5) बीएनएस जोड़ी गई और आरोपी धरमदेव टोप्पो पिता काशीराम जाति उरांव उम्र 60 वर्ष एवं आरोपिया सुषमा स्वराज टोप्पो पति धरमदेव टोप्पो उम्र 43 वर्ष दोनों निवासी चन्द्रमेढ़ा चौकी चेंद्रा को पकड़ा गया। पूछताछ में दोनों ने वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया, जिनके निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त ईंट जप्त कर दोनों आरोपियों को दिनांक 08 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया है।
इस प्रकरण की कार्यवाही में चौकी प्रभारी चेन्द्रा केश्वर मरावी, प्रधान आरक्षक राजकुमार सिंह, प्रधान आरक्षक लालमन राजवाड़े, आरक्षक कमलेश्वर सिंह, आरक्षक दीपक खलखो, आरक्षक मनोज जायसवाल, आरक्षक जगत पैंकरा, महिला आरक्षक आशा लकड़ा सक्रिय रहे।

