श्री राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज ने ली रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक.
अपराधों पर लगाम और पुलिसिंग को बेहतर बनाने के दिये निर्देश.
बिलासपुर : कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बिलासपुर रेंज में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिसिंग को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और संवेदनशील अपराधों पर सख्त निगरानी रखने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस महानिरीक्षक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कार्यप्रणाली में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात कही।
दिनांक 05 मई 2026 को श्री राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज द्वारा जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली गई। समीक्षा मीटिंग का आयोजन रेंज स्तरीय पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में किया गया। समीक्षा मीटिंग में श्री रजनेश सिंह उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिला बिलासपुर श्री भोजराम पटेल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली श्री मनोज खिलारी, पुलिस अधीक्षक गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही श्री प्रफुल्ल ठाकुर, पुलिस अधीक्षक जिला सक्ती श्री आंजनेय वार्ष्णेय, पुलिस अधीक्षक जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ सुश्री निवेदिता पॉल, पुलिस अधीक्षक जिला जाँजगीर-चाम्पा श्रीमती प्रतिभा मरकाम, उप पुलिस अधीक्षक (मुख्या.) जिला-कोरबा, श्री विवेक शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर उपस्थित रहे।
श्री गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज द्वारा समीक्षा बैठक में कानून-व्यवस्था, लंबित प्रकरणों के निराकरण और आधुनिक पुलिसिंग तकनीकों के उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के मुख्य बिंदु –
▪️ लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण रेंज में धारा 173(8) Crpc/193 (9) BNSS के कुल 752 प्रकरण लंबित हैं, जिनमें सर्वाधिक संख्या कोरबा (222) और बिलासपुर (145) जिले की है. आईजी श्री गर्ग ने निर्देश दिया कि वर्ष 2021 और उससे पुराने प्रकरणों को आगामी दो महीनों में शून्य करने का लक्ष्य रखें. साथ ही, फरार आरोपियों की समीक्षा कर जल्द चालान पेश करने को कहा गया है।
▪️ संवेदनशील अपराधों पर नजर लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराधों की विशेष समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं. ऐसे अपराधों में संलिप्त फरार आरोपियों की आदतों को देखते हुए उन्हें विशेष निगरानी में रखने और समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए गए।
▪️ प्रक्रियात्मक सुधार (जीरो मर्ग/MLC) किसी अस्पताल से MLC प्राप्त होने पर संबंधित थाना प्रभारी को 24 घंटे के भीतर घटना स्थल वाले थाने को सूचित करना अनिवार्य होगा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में जांच न रोके और पंचनामा/बयान की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
तकनीकी पोर्टल का प्रभावी उपयोग –
▪️ मानस पोर्टल नारकोटिक्स से संबंधित प्राप्त हर इनपुट का शत-प्रतिशत सत्यापन करने की जिम्मेदारी जिला ANTF को दी गई है.
▪️ सशक्त एप पुलिसिंग डेटा को अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं.
▪️ अनुभव एप जनता से सकारात्मक फीडबैक प्राप्त करने हेतु उन्हें प्रेरित करने को कहा गया है, यह सुनिश्चित किया जाए कि फीडबैक स्वैच्छिक हो.
बैठक के अंत में पुलिस महानिरीक्षक ने बैठक में दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

