मामले का मुख्य आरोपी प्रार्थी के यहां पूर्व किया था 18 महिनों तक ड्राईवरी का काम
मुख्य आरोपी को प्रार्थी के एसईसीएल से रिटायर्ड होने पर बड़ी रकम मिलने की थी जानकारी
पुलिस की सक्रियता, लगातार पेट्रोलिंग से डरकर आरोपियों ने अपहृता को छोड़ा
सूरजपुर : थाना सूरजपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने जहां अपहृत महिला को बरामद कर लिया है, वहीं दो अपहरणकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया है। वहीं फरार 1 अन्य आरोपी की पतासाजी गंभीरतापूर्वक की जा रही है।
दिनांक 30.04.2026 को थाना सूरजपुर क्षेत्र अन्तर्गत एक व्यक्ति ने थाना सूरजपुर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 29.04.2026 को सुबह अपने ड्राईवर के साथ एक्सीडेंट वाहन को बनवाने अम्बिकापुर गया था, घर में पत्नी अकेली थी, दोपहर करीब 1 बजे पत्नी घर से अपने मोबाईल से इसे फोन करके कितने बजे घर आओंगे पूछी तब यह बताया कि अम्बिकापुर से निकल रहा हॅू। दोपहर करीब 3.30 बजे अपने ड्राईवर के साथ घर वापस पहुंचा तो पत्नी घर में नहीं थी। काफी खोजबीन के बाद भी नहीं मिली उसी दौरान करीब 3.50 बजे पत्नी के मोबाईल से इसे फोन आया, फोन पर कोई अज्ञात व्यक्ति बोला कि अपनी पत्नी चाहते हो तो 22 लाख रूपये दो, नहीं तो तुम्हारी पत्नी नहीं मिलेगी। कोई अज्ञात व्यक्ति के द्वारा पत्नी को फिरौती मांगने की नियत से अपहरण कर ले गया है कि रिपोर्ट पर थाना सूरजपुर में अपराध क्रमांक 285/26 धारा 140(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
मामले की सूचना पर डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने अपहृता की गंभीरतापूर्वक पता तलाश कर दस्तयाब करने व आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस की 3 टीम गठित कर लगाया। पुलिस की टीमों के द्वारा घटना स्थल का जायजा लेते हुए आसपास क्षेत्र में सघन पता तलाश करते हुए सायरन बजाकर पेट्रोलिंग किया गया। इसी दौरान प्रार्थी संभावित संदेही को मोबाईल पर फोन किया तब वह फोन नहीं उठाया, इसके बाद संदेही द्वारा प्रार्थी को रात्रि करीब 11.45 बजे फोन किया गया जिस पर प्रार्थी बताया कि वह थाना में रिपोर्ट कर दिया है और पुलिस उसकी पत्नी को खोज रही है।
पुलिस टीम ने तकनीकी मदद व पीड़िता के बताए अनुसार संदेही रौशन देवांगन को दबिश देकर मानपुर से पकड़ा। पूछताछ पर उसने बताया कि वह प्रार्थी के वाहन को 18 माह तक चलाया था जिस कारण वह जानता था कि प्रार्थी एसईसीएल से रिटायर्ड हुआ है और उसे काफी पैसा मिला है। पैसे की लालच में आकर अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाया और अपने साथी शेख इशू व 1 अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर प्रार्थी के घर जाकर उसकी पत्नी से बातचीत कर पीने के लिए पानी मांगे इसके कुछ देर बाद अपहृता को पकड़कर घर अंदर ले गए और योजनानुसार उसके मंुह-आंख में टेप लगा दिए और हाथ पैर बांध दिए और मोटर सायकल में बैठाकर रौशन के टायर पंचर दुकान डुमरिया ले गए और अपहृता के मोबाईल को लेकर ग्राम रूनियाडीह जाकर प्रार्थी को फोन कर 22 लाख रूपये की फिरौती की मांग किए और मोबाईल बंद कर दिए।
पकड़े जाने के डर और पुलिस के पेट्रोलिंग व खोजबीन को देखते हुए प्रार्थी की पत्नी को ग्राम डुमरिया से पीढ़ा होते हुए पर्री से चंदरपुर जाने वाले बाईपास रोड़ पर ले जाकर घायल अवस्था में छोड़ दिए और पीड़िता को डकने में प्रयुक्त कंबल, बांधने वाला रस्सी, मुह में लगा टेप निकालकर वहीं जला दिए और वहां से चले गए।
डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने बताया कि आरोपियों द्वारा पीड़िता को बाईपास रोड़ पर छोड़े जाने के बाद अपहृता एक व्यक्ति के घर पहुंची और वहां से मोबाईल के जरिए सूचना दी जिसके बाद पुलिस टीम और पीड़िता का पति वहां पहुंचे। पीड़िता को घायल अवस्था में देख पुलिस उसे फौरन उपचार के लिए जिला चिकित्सालय सूरजपुर में भर्ती कराई, इसी बीच रौशन देवांगन के पकड़े जाने की सूचना पर आरोपी शेख इशू बिलासपुर की तरफ भागने लगा जिसे केतका में घेराबंदी कर पकड़ा गया।
मामले में आरोपी (1) रौशन देवांगन पिता रामचरण देवांगन उम्र 21 वर्ष निवासी महुआपारा थाना सूरजपुर (2) शेख इशू पिता शेख इसराईल खान उम्र 23 वर्ष निवासी शांतीगली मस्जिदपारा थाना सूरजपुर की निशानदेही पर अपहृता का मोबाईल, रस्सी, टेप व कंबल का जला राख, घटना में प्रयुक्त 1 मोटर सायकल, 1 स्कूटी व आरोपियों का 2 नग मोबाईल जप्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में फरार 1 अन्य आरोपी की पतासाजी की जा रही है। कार्रवाई सीएसपी बेनार्ड कुजूर, एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सूरजपुर विमलेश दुबे, एसआई एस.आर.भगत, संदीप सिंह, एएसआई सुनील सिंह, आरक्षक रविराज पाण्डेय व रामप्रसाद साहू सक्रिय रहे।

