जिले में ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत पहली बड़ी कार्रवाई, उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले नेटवर्क पर सख्त प्रहार.
सिंधी कॉलोनी स्थित दुकान व गोदाम से 61 हजार से अधिक कीमत के नकली सिगरेट पैकेट जब्त.
दुकान संचालक गिरफ्तार, कॉपीराइट एक्ट, ट्रेडमार्क एक्ट व बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज.
आईटीसी कंपनी की शिकायत पर कार्रवाई, असली ब्रांड से मिलते-जुलते नकली सिगरेट उत्पादों की बिक्री का खुलासा.
एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश : “नकली उत्पादों की बिक्री करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी.”
रायगढ़ : रायगढ़ में नकली उत्पादों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कारोबार पर करारा प्रहार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में “महादेव पान मसाला” सेंटर पर की गई रेड में नकली सिगरेट का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। यह कार्रवाई न केवल कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन के खिलाफ जिले की पहली बड़ी पहल है, बल्कि उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले नेटवर्क पर सख्त संदेश भी देती है कि अब ऐसे अपराधों पर कोई रियायत नहीं मिलेगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में सीएसपी श्री मयंक मिश्रा के नेतृत्व में थाना चक्रधरनगर पुलिस द्वारा कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने चक्रधरनगर क्षेत्र के सिंधी कॉलोनी पक्की खोली स्थित “महादेव पान मसाला” सेंटर एवं उसके गोदाम में छापेमारी कर असली ब्रांड से मिलते-जुलते नकली सिगरेट उत्पादों का बड़ा जखीरा जब्त किया है, जिसकी कुल कीमत लगभग 61,310 रुपये है।

मामले में आईटीसी कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि सदानंद मिश्रा, नई दिल्ली द्वारा दी गई लिखित शिकायत पर कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि कंपनी काफी समय से तंबाकू निर्माण और वितरण व्यवसाय में एक सक्रिय और प्रतिष्ठित उपस्थिति बनाए रखी है, आईटीसी ने तंबाकू उद्योग में गोल्ड फ्लेक, फ्लेक और कैपस्टन सहित कई अन्य प्रमुख ब्रांडों के स्वामित्व रखा है। कंपनी को रायगढ़ में बड़े पैमाने पर नकली सिगरेट उत्पादों की बिक्री की विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई थी। उन्होंने एसएसपी श्री शशि मोहन से संपर्क किया। एसएसपी रायगढ़ के मार्गदर्शन पर पुष्टि के लिए 15 अप्रैल को गोपनीय तरीके से सिगरेट के नमूने खरीदे गए, जिसमें गोल्ड फ्लेक ब्रांड के पैकेट में लोगो एवं फॉन्ट में स्पष्ट गड़बड़ी पाई गई। इसके अलावा “गोल्ड विमल” जैसे उत्पाद भी कंपनी के पंजीकृत ट्रेडमार्क का उल्लंघन करते पाए गए, जो प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी को दर्शाते हैं।
तत्काल वैधानिक कार्रवाई हेतु सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में चक्रधरनगर पुलिस ने रेड कार्रवाई की। इस दौरान आईटीसी कंपनी की टीम भी मौके पर थी। मौके पर पाया गया कि “महादेव पान मसाला” सेंटर का संचालक लक्ष्मण दास जय सिंह द्वारा नकली सिगरेट उत्पादों का संग्रहण और थोक वितरण किया जा रहा था, जिससे कंपनी की बौद्धिक संपदा को नुकसान पहुंचाने के साथ उपभोक्ताओं को भी गुमराह किया जा रहा था।
रेड के दौरान दुकान एवं गोदाम से नकली सिगरेट के विभिन्न ब्रांडों के बड़ी मात्रा में पैकेट जब्त किए गए, जिनमें नकली गोल्ड विमल पैकेट 920 डिब्बा, गोल्ड फ्लैक किंग 111 डिब्बे, गोल्ड फ्लैक किंग 96 डिब्बा, व्हाइट फ्लेक्स 274 डिब्बा, गोल्ड किंग 4 डिब्बे, गोल किंग 307 नग खुला को जप्त किया गया इन उत्पादों के असली उत्पादों की कुल 61,310 रुपए बताया जा रहा है जिसकी जप्ती की गई है। आरोपित लक्ष्मण दास जय सिंह पिता किशन चंद जय सिंह उम्र 52 वर्ष निवासी 350/2 चक्रधरनगर सिंधी कॉलोनी पक्की खोली थाना चक्रधरनगर जिला रायगढ़ के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने पर थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 161/2026 धारा 318(1), 349 बीएनएस, ट्रेडमार्क अधिनियम 1999 की धारा 103, 104 एवं कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63, 64 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया गया है तथा न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि जिले में ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत यह पहली बड़ी कार्रवाई है।
इस प्रकरण की समस्त कार्रवाई एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन, एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन एवं सीएसपी श्री मयंक मिश्रा के नेतृत्व में की गई, जिसमें थाना चक्रधरनगर के उपनिरीक्षक गेंदलाल साहू, एएसआई आशिक रात्रे, आरक्षक संदीप कौशिक, आरक्षक विक्रम सिंह, महिला आरक्षक माधुरी राठिया एवं अन्य स्टॉफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश — “नकली उत्पादों को असली के रूप में बेच कर उपभोक्ताओं को धोखा देना गंभीर अपराध है। ऐसे अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से अपील है कि इस प्रकार के नकली उत्पादों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें।”

