पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज सरगुजा के मार्गदर्शन में एवं डीआईजी व एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन में सरगुजा पुलिस की कार्यवाही.
प्रकरण की संवेदनशीलता को संज्ञान में लेकर की गई थी आरोपी पर कुल 35 हजार रुपये के इनाम की उद्घोषणा.
सरगुजा रेंज के सभी जिलों समेत अन्य सीमावर्ती जिलों में थाना चौकी प्रभारियों को आरोपी का फोटो प्रसारित कर आरोपी का पता तलाश करने दिए गए थे दिशा निर्देश.
पीड़िता का अन्य व्यक्ति से अवैध सम्बन्ध की आशंका होने पर आरोपी द्वारा पीड़िता से जबरन दुष्कर्म की घटना कारित कर हाथ मुक्का एवं लात से गंभीर चोट कारित कर की गई थी हत्या.
पुलिस टीम द्वारा आरोपी के पेश करने पर घटना के दौरान पहना गया कपड़ा किया गया जप्त.
आरोपी घटना के पश्चात अंबिकापुर रेल्वे स्टेशन की ओर से पैदल फरार होकर बिश्रामपुर बाद ट्रेन से नागपुर होते हुए सवारी जीप से चिरमिरी पहुंच कर लुकछिप कर रह रहा था आरोपी.
गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के विरुद्ध पुलिस टीम द्वारा की जा रही लगातार सख्त वैधानिक कार्यवाही.
अम्बिकापुर : अंबिकापुर में हुई एक जघन्य हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए सरगुजा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। अवैध संबंध के शक में हुई इस सनसनीखेज वारदात में फरार आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की लगातार कार्रवाई, तकनीकी जांच और अंतरजिला समन्वय ने इस मामले को अंजाम तक पहुंचाया, जिससे अपराधियों के बीच कड़ा संदेश गया है।
मिली जानकारी के अनुसार मामले का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 03 अप्रैल 2026 को थाना कोतवाली पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुआ कि सदभावना चौक रिंग रोड स्थित झाला में एक अज्ञात महिला का शव लहूलुहान अवस्था में पड़ा हुआ है। प्राप्त सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। मामले की सूचना प्राप्त होने पर डीआईजी व एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल ( भा.पु.से.) द्वारा तत्काल घटना-स्थल पहुंच कर मौक़े का बारिकी से जायजा लिया गया एवं प्रकरण की गंभीरता को देख कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा के नेतृत्व में थाना कोतवाली, साइबर सेल समेत कुल 04 पुलिस टीम का गठन कर कर मृतिका की पहचान करने एवं प्रकरण के आरोपी का पता तलाश कर शीघ्र गिरफ्तार किये जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे।
विवेचना के दौरान पुलिस टीम द्वारा अज्ञात मृतिका के शव का पंचनामा कर मौक़े पर देहाती नालसी लिया गया एवं मृतिका के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पीएम रिपोर्ट में पीएम कर्ता डॉक्टर द्वारा मृतिका की मृत्यु हत्यात्मक प्रवृति का होना लेख किया गया, बाद मामले में थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 217/26 धारा 64(2), 103(1) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस टीम द्वारा अज्ञात मृतिका के शव के सम्बन्ध में लगातार पता तलाश करने पर एवं परिजनों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करने पर मृतिका की पहचान कर ली गई एवं मृतिका के परिजनों द्वारा भी शव की पहचान की गई। पुलिस टीम द्वारा मामले में अग्रिम कार्यवाही करते हुए मृतिका का शव परिजनों को सुपुर्द किया गया। पुलिस टीम द्वारा जांच विवेचना के दौरान घटनास्थल एवं आस पास के सीसीटीवी फूटेज का अवलोकन किया गया, सीसीटीवी फूटेज के अवलोकन में पीड़िता आरोपी के साथ घटना-स्थल की ओर आती हुई नजर आई है। पीड़िता के परिजनों द्वारा भी आरोपी की पहचान उसके साथ में रहने वाले व्यक्ति के रूप में गई है, जो पीड़िता के साथ आना जाना करता था। आरोपी घटना के पश्चात से लगातार फरार चल रहा था। पुलिस टीम द्वारा आरोपी की गिरफ़्तारी हेतु लगातार छापेमार कार्यवाही की जा रही थी, आरोपी के सम्बन्ध में पता तलाश हेतु लगातार विशेष अभियान चलाकर रेल्वे स्टेशन समेत आस पास के सभी संभावित स्थलों पर आरोपी का पता तलाश किया जा रहा था।
प्रकरण की संवेदनशीलता को संज्ञान में लेकर पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज सरगुजा श्री दीपक झा (भा.पु.से.) द्वारा आरोपी के गिरफ्तारी हेतु 30 हजार रूपये के इनाम की उद्घोषणा की गई साथ ही डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा आरोपी के गिरफ़्तारी पर 05 हजार रुपये इनाम की उद्घोषणा की गई। आरोपी पर कुल 35 हजार रुपये के नगद इनाम की उद्घोषणा की गई थी, एवं मामले के आरोपी का फोटो रेंज के सभी जिले समेत अन्य सीमावर्ती जिलों के थाना/चौकी प्रभारियों को प्रसारित कर पुलिस टीम को अलर्ट कर आरोपी का पता तलाश कर सरगुजा पुलिस को प्राप्त सूचना से अवगत कराने के दिशा निर्देश दिए गए थे, एवं डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा रेंज के सभी जिले के पुलिस अधीक्षको से चर्चा कर आपसी समन्वय स्थापित किया गया था, इसी क्रम मे जिला एमसीबी की चिरमिरी पुलिस टीम द्वारा भी आरोपी का लगातार पता तलाश किया जा रहा था, इसी दौरान थाना प्रभारी चिरमिरी को उक्त आरोपी के चिरमिरी मे लुकछिप कर रहने की सूचना प्राप्त हुई, थाना प्रभारी चिरमिरी द्वारा प्राप्त सूचना की तस्दीक़ी की गई, जो उक्त हुलिया के व्यक्ति की पहचान आरोपी के रूप मे की गई, आरोपी की माँ चिरमिरी मे निवास करती है, जो वर्तमान मे बीमार थी जिसका इलाज़ चल रहा था, आरोपी फरार होकर चिरमिरी अपने माँ का हालचाल लेने अस्पताल परिसर तरफ गया था, जहा से आरोपी को चिरमिरी पुलिस टीम द्वारा पकड़कर हिरासत मे लिया गया, आरोपी के चिरमिरी थाना मे पकडे जाने की सूचना प्राप्त होने पश्चात सरगुजा पुलिस द्वारा आरोपी को हिरासत मे लेकर थाना कोतवाली लाकर पूछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम छोटू उर्फ़ मिथुन उर्फ़ राम सिंह आत्मज बाबूलाल उर्फ़ कानू उम्र 30 वर्ष साकिन मकनपुर थाना प्रतापपुर जिला सूरजपुर का होना बताया।
पुलिस टीम द्वारा आरोपी से पूछताछ किये जाने पर बताया कि आरोपी करीब 6-7 वर्ष पूर्व अपने गांव मकनपुर प्रतापपुर से अम्बिकापुर काम करने आया था। कि अम्बिकापुर में लेबर कुली, कचरा बिनने का काम करने के दौरान आरोपी का परिचय पीड़िता से हुआ था। पीड़िता भी बनी मजदूरी का काम करती थी। परिचय होने के बाद से आरोपी एवं पीड़िता साथ साथ काम करते थे और जहां जगह मिलता था वही सो जाते थे इसी दौरान दोनों का आपसी सम्बध भी बन गया था, और दोनों साथ साथ मे ही रहने लगे थे। कि वर्तमान मे कुछ दिन पहले आरोपी को पता चला कि पीड़िता का लेबर कुली का काम करने वाले एक अन्य व्यक्ति से अवैद्य संबंध है। तब से आरोपी पीड़िता पर काफी गुस्सा था। कि दिनांक 02/04/26 दिन गुरूवार को सुबह से दिन भर आरोपी और पीड़िता साथ में कचरा प्लास्टिक बीने और उसे बेचकर मिले पैसा से दारू और चखना लेकर दोनो खाये पिये और खाने पीने के बाद दोनों साथ में घूमते घूमते सदभावना चौक के पास मछली दुकान झाला में बोरा को बिछा सोने लगे उसी दौरान आरोपी पीड़िता से अवैध सम्बन्ध की आशंका को लेकर पूछताछ करने लगा, जो पीड़िता आरोपी पर गुस्सा करने लगी तब आरोपी मृतिका से जबरन दुष्कर्म की घटना कारित किया, उसके बाद मृतिका आरोपी से झगडा विवाद करने लगी तब आरोपी पीड़िता को पटक कर हाथ मुक्का लात से मारकर गंभीर चोट कारित कर दिया, जो पीड़िता के सर से खून निकल रहा था, पीड़िता की मृत्यु होने पर आरोपी मौक़े से भाग निकला।
आरोपी मौक़े से भागकर समलाया मंदिर के पास गया, वहा से सदभावना चौक, चांदनी चौक, प्रतापपुर नाका होते हुए अंबिकापुर रेल्वे स्टेशन पंहुचा जहा से पैदल रेल्वे पटरी से होते हुए कमलपुर, बिश्रामपुर पंहुचा, बिश्रामपुर से ट्रेन मे बैठकर नागपुर गया, बाद नागपुर से सवारी जीप मे बैठकर चिरमिरी चला गया था, जहा से चिरमिरी पुलिस टीम द्वारा आरोपी को पकड़ा गया है, आरोपी घटना दिनांक से लेकर अभी तक वही कपड़ा पहना है जिसको पहनकर घटना कारित किया था, आरोपी के पेश करने पर घटना दौरान पहना गया कपड़ा जप्त किया है, आरोपी द्वारा घटना कारित किया जाना स्वीकार किये जाने पर आरोपी के विरुद्ध अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण मे आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाता है।
इस प्रकरण की सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, उपनिरीक्षक के के यादव, प्रधान आरक्षक सतीश सिंह, आरक्षक विवेक राय, आरक्षक नितिन सिन्हा, आरक्षक दीपक पाण्डेय, आरक्षक बृजेश राय, आरक्षक संजीव चौबे, आरक्षक शिव रजवाड़े, दे आरक्षक वेंद्र पाठक साइबर सेल से साइबर सेल प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, प्रधान आरक्षक विकास सिन्हा, प्रधान आरक्षक जयदीप सिन्हा, आरक्षक विकास मिश्रा, आरक्षक अशोक यादव, आरक्षक मनीष सिंह, आरक्षक अनुज जायसवाल, आरक्षक जितेश साहू, आरक्षक राहुल केरकेट्टा, आरक्षक अमन पुरी, आरक्षक वीरेंद्र पैकरा, थाना चिरमिरी से थाना प्रभारी चिरमिरी सहायक उपनिरीक्षक विजय सिंह, प्रधान आरक्षक संतोष कुमार सिंह, प्रधान आरक्षक धीरेन्द्र सिंह आरक्षक चंद्रसेन ठाकुर, आरक्षक मदन राजवाड़े सक्रिय रहे।

