आईआईएम रायपुर ने सेज पब्लिकेशन्स के साथ एमओयू साइन किया, फ्लैगशिप जर्नल “एंटरप्रेन्योरशिप एंड एंटरप्राइज डेवलपमेंट रिव्यू” लॉन्च करेगा
रायपुर : आईआईएम रायपुर ने अपनी अकादमिक और शोध यात्रा में एक अहम कदम उठाते हुए SAGE Publications India के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी के तहत संस्थान अपना प्रमुख अकादमिक जर्नल एंटरप्रेन्योरशिप एंड एंटरप्राइज डेवलपमेंट रिव्यू (EEDR) लॉन्च करेगा।
यह जर्नल आईआईएम रायपुर के विज़न #BuildingBusinessOwners के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य उद्यमिता, एंटरप्राइज डेवलपमेंट और बिजनेस इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले शोध को बढ़ावा देना है। सेज पब्लिकेशन्स जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रकाशक के साथ सहयोग से इस जर्नल को वैश्विक पहचान और उच्च प्रकाशन मानकों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर आईआईएम रायपुर के डीन (एक्सटर्नल रिलेशन्स) प्रो. सत्यसिबा दास ने कहा कि “भारतीय शोधकर्ता लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में योगदान देते रहे हैं, लेकिन अब समय है कि भारत अपने मजबूत और वैश्विक स्तर के प्लेटफॉर्म विकसित करे। यह जर्नल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर अकादमिक गुणवत्ता बनाए रखना आवश्यक होगा।“
आईआईएम रायपुर के डायरेक्टर-इन-चार्ज प्रो. संजीव प्रसार ने संस्थान की अकादमिक और शोध प्रगति पर जोर देते हुए कहा कि “यह जर्नल उस यात्रा का स्वाभाविक विस्तार है। इससे संस्थान की बौद्धिक क्षमता और वैश्विक पहचान और मजबूत होगी।“
सेज पब्लिकेशन्स इंडिया के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सुगाता घोष ने कहा कि “बिजनेस और मैनेजमेंट पब्लिशिंग तेजी से विकसित हो रहा है और भारत इस क्षेत्र में अपनी सशक्त पहचान बना रहा है। इस तरह के जर्नल्स आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर अपनी जगह बनाएंगे।“
यह जर्नल पिछले दो वर्षों से आईआईएम रायपुर के प्रो. मनोजित चट्टोपाध्याय और प्रो. प्रदीप्तरथि पांडा के मार्गदर्शन में विकसित किया जा रहा है, जिसमें सेज की टीम का भी सहयोग रहा है। इसे संस्थान की एक प्रमुख पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो उच्च स्तर के शोध, अकादमिक संवाद और वैश्विक मैनेजमेंट साहित्य में भारत की उपस्थिति को मजबूत करेगा।
एमओयू साइनिंग समारोह में संस्थान के फैकल्टी, शोधार्थी और सेज पब्लिकेशन्स के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह साझेदारी भविष्य में शोध और पब्लिशिंग के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत मानी जा रही है।

