गौ तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस का बड़ा अभियान, डीआईजी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह स्वयं 50 से अधिक पुलिस बल के साथ पहुंचे जंगल.
जंगल के रास्तों पर सर्च अभियान, गौ तस्करी के संभावित मार्गों को किया गया ब्लॉक
गांवों में गठित की गई “पुलिस मितान टीम”, ग्रामीणों से मांगा सहयोग
कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत ग्रामीणों को किया जागरूक, पुलिस को अपने बीच देख ग्रामीणों का बढ़ा विश्वास
जशपुर : जशपुर जिले में गौ तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया है। जिले के डॉ. लाल उमेद सिंह स्वयं 50 से अधिक पुलिस बल के साथ जंगलों और पहाड़ी रास्तों में पैदल पहुंचकर संभावित तस्करी मार्गों का निरीक्षण किया। जशपुर पुलिस द्वारा चलाए गए इस सर्च अभियान में कई संदिग्ध रास्तों को चिन्हित कर ब्लॉक किया गया, वहीं गांवों में “पुलिस मितान टीम” बनाकर ग्रामीणों को भी इस अभियान से जोड़ा गया। कम्युनिटी पुलिसिंग के इस प्रयास से ग्रामीणों में पुलिस के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ।
जशपुर जिले में गौ तस्करी की रोकथाम के लिए जशपुर पुलिस द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में थाना नारायणपुर क्षेत्र के संभावित गौ तस्करी मार्गों पर सघन सर्च अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं लगभग 50 से अधिक पुलिस बल के साथ थाना नारायणपुर क्षेत्र के ग्राम किनकेल, खरवाटोली एवं पाकरकुंदर के जंगलों में पैदल पहुंचकर गौ तस्करी के संभावित रास्तों का निरीक्षण किया। पुलिस द्वारा इन मार्गों को चिन्हित कर ब्लॉक कर दिया गया है तथा इन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया है कि गौ तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर द्वारा किनकेल, चट्टान पारा, पाकरकुंदर में “पुलिस मितान टीम” का गठन भी किया गया, जो क्षेत्र में होने वाली गौ तस्करी एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों की सूचना पुलिस को उपलब्ध कराएगी, जिससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
अभियान के दौरान कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें गौ तस्करी, नशे के दुष्प्रभाव तथा बच्चों की शिक्षा के महत्व के संबंध में जागरूक किया गया। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, जिससे अपराधों की रोकथाम में पुलिस को सहयोग मिल सके।
इस अवसर पर गांव के बेरोजगार युवाओं से रोजगार के विभिन्न अवसरों एवं रोजगार मॉडल के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई तथा उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही वर्तमान समय में दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यातायात नियमों के पालन, नशे की स्थिति में वाहन न चलाने तथा ओवरस्पीड से बचने की समझाइश भी दी गई।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर द्वारा ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने एवं पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए जशपुर पुलिस हरसंभव प्रयास करेगी।
उल्लेखनीय है कि डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के द्वारा कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत जिला कवर्धा के एसपी रहने के दौरान एक विशेष कार्यक्रम पुलिस एकेडमी चालू किया गया था, जिसके तहत पुलिस परिवार व जिले के विभिन्न ग्राम से आए व पुलिस भर्ती, आर्मी भर्ती, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसआई आदि की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए लाइब्रेरी की शुरुआत की गई थी, जिससे वे किताबों के माध्यम से अपनी पढ़ाई कर सकें। उक्त योजना का कवर्धा में एक बहुत सकारात्मक प्रभाव हुआ था, जिसमें 1200 से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त करने में सफलता मिली। सुदूर अंचल के बसने वाले, पिछड़े, आदिवासी जनजाति वर्ग के युवक युवतियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करते हुए, नशे से दूर कर, उनको मुख्य धारा में लाते हुए उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने में सफलता मिली थी। इसी की तर्ज पर जशपुर जिले के कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के द्वारा जिले के सुदूर अंचलों के युवाओं हेतु पुलिस एकेडमी कार्यक्रम चलाने की योजना है, जिससे वे इसका लाभ ले सके व भविष्य में उचित रोजगार का अवसर प्राप्त कर सके। पाकरकुदर व खारवाटोली चट्टान पारा के कार्यक्रम के दौरान उक्त क्षेत्र के बीडीसी संतोष यादव व खारवाटोली सरपंच अंधेरियस बड़ा व अन्य जनप्रतिनिधिय भी उपस्थित रहे।,
अचानक पहाड़ियों से डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पुलिस बल के साथ पैदल गांवों में पहुंचते देख ग्रामीण आश्चर्यचकित रह गए। पुलिस अधिकारियों को अपने बीच इस प्रकार सक्रिय रूप में देखकर ग्रामीणों का पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ तथा ग्रामीणों ने पुलिस को हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
उक्त गौ तस्करी के रूटों के सर्च अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री राकेश कुमार पाटनवार, एसडीओपी जशपुर श्री चंद्रशेखर परमा, एसडीओपी कुनकुरी श्री विनोद कुमार मंडावी, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली जशपुर निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, थाना प्रभारी नारायणपुर सहायक उपनिरीक्षक उमेश प्रभाकर, थाना प्रभारी सन्ना उपनिरीक्षक संतोष सिंह, चौकी मनोरा प्रभारी उपनिरीक्षक दिनेश पुरैना व साइबर सेल से निरीक्षक आशीष तिवारी सहित उनकी टीम एवं रक्षित केंद्र जशपुर के जवान तथा नवआरक्षक सम्मिलित रहे।

