छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और सुरक्षा को बड़ा बजट: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के विभागों के लिए हजारों करोड़ का प्रावधान, आवास, सड़क और पुलिस आधुनिकीकरण को मिलेगी नई रफ्तार

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और सुरक्षा को बड़ा बजट: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के विभागों के लिए हजारों करोड़ का प्रावधान, आवास, सड़क और पुलिस आधुनिकीकरण को मिलेगी नई रफ्तार

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, गृह, जेल, विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग का बजट पारित

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16 हज़ार 560 करोड़ रुपए प्रावधानित

रायपुर : उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बनते ही हमने आवासहीन लोगों को प्रतिबद्घ होकर प्रथम बैठक में 18 लाख से अधिक लंबित आवासों के निर्माण को स्वीकृति दी गयी थी। 2 वर्षों में एसईसीसी 2011 एवं आवास प्लस-2018 की सूची के सभी पात्र हितग्राहियों के आवास स्वीकृत किया जा चुका है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, गृह, जेल, विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग का बजट  विधानसभा में पारित किया गया l

        विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत 33 हजार 255 परिवारों को आवास स्वीकृति दी जा चुकी है एवं 19 हजार 199 आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित पात्र परिवारों को पीएम आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत विशेष परियोजना के तहत आवास लाभ प्रदान किए जाने हेतु भारत सरकार द्वारा 15 हजार परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा रहा है।

       मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 38 हजार से अधिक परिवारों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है एवं 15 हजार से अधिक आवास पूर्ण भी हो चुके है। सरकार गठन उपरांत राशि  400 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान भी किया गया, यह राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि कोई भी परिवार आवासहीन न रहे।

      भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय से पीएमजी एसवाई 4 के तहत 774 सड़कों द्वारा 781 बसाहटे लाभान्वित होंगी। जिसके लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 2237.97 करोड़ रुपए एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के लिए 550 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित एवं निर्माणाधीन सड़कों के नागरिक सूचना पटल पर QR कोड आधरित सूचना स्वप्रकटीकरण बोर्ड लगाकर सड़कों की समस्त जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

    मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि इस बजट में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 4000 करोड़ रुपए एवं  प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना हेतु 4265.00 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए 350 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु बजट प्रावधान 850 करोड़ रुपए किया गया है। ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान हेतु 8.75 करोड़ का प्रावधान किया गया है।  ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के लिए 144 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

     गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि पुलिस विभाग के लिए मुख्य बजट में राजस्व व्यय मद अंतर्गत 7130.48 करोड़ रुपए एवं पूंजीगत परिव्यय मद अंतर्गत 590.53 करोड़ रुपए कुल 7721.01 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पुनर्वास करने वाले वामपंथी उग्रवादी नक्सली कैडर को केन्द्रीय पुनर्वास नीति के तहत् उनके प्रतिस्थापन एवं पुनर्वास के लिये फिक्स डिपाजिट एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिये राशि रूपये 38 करोड़ का बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट में वर्तमान में हो रहे आधुनिक किस्म के अपराध एवं साइबर अपराध के मामलों की गहन अनुसंधान एवं रोकथाम हेतु पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में आधुनिक आई.टी. सेंटर खोले जाने हेतु 06 नवीन पद तथा जिला बालोद, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, सक्ती, बलरामपुर में कुल 05 साइबर थाना के गठन हेतु 50 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। सरकार द्वारा जिला रायपुर के नगरीय क्षेत्रों में लागू किये गये पुलिस आयुक्त प्रणाली का सुचारू एवं कुशलतापूर्णक संचालन हेतु कुल 67 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पृथक से नवीन पुलिस जिला रायपुर ग्रामीण के रूप में संचालन हेतु कुल 251 नवीन पदों का प्रावधान किया गया हैं। इसी प्रकार राज्य के 06 नवगठित जिलों सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदाबाजार, बालोद, बेमेतरा एवं मुंगेली में पुलिस के महत्त्वपूर्ण कार्य हेतु डीसीबी, डीसीआरबी के 156 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।

       प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों के लिए 15 नवीन पुलिस थाना की स्थापना हेतु कुल 975 नवीन पदों एवं 08 पुलिस चौकी को पुलिस थाना में उन्नयन किये जाने हेतु 337 नवीन पद, अत्यधिक कम बल स्वीकृत वाले 21 पुलिस थानों में अतिरिक्त बलवृद्धि किये जाने हेतु कुल 870 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।

       प्रदेश में पुलिस प्रशासन को सुदृढ़ किये जाने हेतु नवीन पुलिस महानिरीक्षक रेंज रायपुर एवं राजनांदगांव तथा पुलिस उप महानिरीक्षक रायगढ़ रेंज कार्यालय के लिए कुल 41 नवीन पद तथा प्रदेश के विभिन्न पुलिस अधीक्षक कार्यालयों में अनुसचिवीय बल के कुल 110 अतिरिक्त नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। शासकीय रेल पुलिस रायपुर के थाना/चौकी एवं लाईन में अतिरिक्त बलवृद्धि किये जाने हेतु कुल 150 अतिरिक्त नवीन पदों सहित, जगदलपुर हवाई पट्टी की सुरक्षा हेतु हेतु 40. न्यू स्टेट हैंगर माना रायपुर की सुरक्षा हेतु 40 नवीन पद का प्रावधान किया गया है। राजभवन की सुरक्षा, मुख्यमंत्री निवास सुरक्षा एवं मंत्रालय की सुरक्षा हेतु 250 अतिरिक्त नवीन पद, छसबल की वाहिनियों के अकुशल ट्रेडमेन संवर्ग के 400 नवीन पद, बस्तर फाईटर बल में अतिरिक्त बलवृद्धि (आरक्षक) हेतु 1500 नवीन पद, विशेष आसूचना शाखा मुख्यालय के लिए अनुसचिवीय संवर्ग के 24 नवीन पद, एटीएस विशेष शाखा में आदर्श आतंकवाद निरोधक दस्ता हेतु 325 नवीन पद, प्रदेश के विभिन्न छसबल वाहिनीयों में श्वान दल हेतु 83 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।

    मंत्री  श्री शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 440 नवीन पदों की स्वीकृतियां प्रदान की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 01 नवीन भारत रक्षित वाहिनी के गठन हेतु 1007 नवीन पद, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल का 01 बटालियन गठन किये जाने हेतु 500 नवीन पद. जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन हेतु 100 नवीन पद, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय अंतर्गत एस०ओ०जी० (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन हेतु 44 नवीन पद सहित थाना एवं चौकियों की संख्या में वृद्धि करते हुये कुल 5421 नवीन पदों की स्वीकृतियां प्रदान की गई है। सरकार द्वारा विशेष पुलिस बल अंतर्गत प्रदेश हेतु एन्टी टेरेरिस्ट स्क्वायड (आतंकवादी निरोधक दस्ता), राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन एवं बम्ब डिस्पोजल के लिए भी नवीन पदों की स्वीकृतियां प्रदान की गई है।

      पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए आईसीजीएस परियोजना के तहत तीन नवीन आपराधिक कानूनों को सीसीटीएनएस, ई-फोरेन्सिक, ई-कोर्ट, ई-अभियोजन, ई-जेल के मध्य सुरक्षित एवं निर्बाध्य रियल डाटा का एकीकरण एवं डाटा विनिमय सुनिश्चत किया जा रहा है इज़के द्वारा एफआईआर प्रक्रिया को सुलभ और एकीकृत बनाया गया है।

 जेलों का हो रहा उन्नयन

     छत्तीसगढ़ जेल विभाग द्वारा 4 केन्द्रीय जेलों – रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर तथा अंबिकापुर को आईएसओ 9001: 2015 सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ, जो प्रदर्शित सरकार की गुणवत्ता उन्नयन को दर्शाता है। बजट में प्रदेश की 16 जेलों में ‘प्रिजन कॉलिंग सिस्टम’ स्थापित करने हेतु रू. 1.05 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे जेलों में परिरूद्ध बंदी अपने परिजनों तथा अधिवक्ताओं से वाईस/वीडियो कॉल के माध्यम से बात कर सकेंगे। बंदियों के पुनर्वास के लिए ‘निश्चय’ कार्यक्रम संचालित है, जिसमें काउंसिलिंग, बौद्धिक विकास, कौशल विकास तथा जेल से रिहाई के उपरान्त इंडियन ओवरसीज बैंक से ऋण उपलब्ध कराने के लिए एमओयू किया गया है। जेल विभाग के प्रहरियों, मुख्य प्रहरियों तथा प्रमुख मुख्य प्रहरियों को वर्दी (किट भत्ता) प्रदाय करने हेतु  1.5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे पूर्व जेल विभाग द्वारा क्रय कर वर्दी तथा किट प्रदाय की जाती थी। प्रदेश की 21 जेलों में 31 बंदी बैरकों के निर्माण हेतु विभागीय मद में 31 करोड का प्रावधान किया गया है। जेल भवनों के निर्माण एवं मरम्मत कार्य हेतु लोक निर्माण विभाग के मद में 70 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे जेलों की भौतिक अधोसंरचना तथा बंदी आवास क्षमता में वृद्धि होगी। 25 करोड़ के विभिन्न निर्माण, विद्युतीकरण तथा मरम्मत कार्य (नवीन मद के अंतर्गत PWD मद) इसमें उप जेल, मनेन्द्रगढ़ के लिए बंदी बैरक निर्माण कार्य हेतु 2.15 करोड़ रुपए सम्मिलित हैं। जेलों में विभिन्न सुरक्षा उपकरण लगाने हेतु 1 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। केन्द्रीय जेलों में संचालित उद्योगों के विस्तारीकरण के लिए मशीन क्रय हेतु 1 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे जेलों में संचालित उद्योगों को नया आयाम मिलेगा। उन्होंने रायपुर केंद्रीय जेल में संचालित आस्था केंद्र का उदाहरण भी दिया।

       बजट में राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के लिए 10 जिलों में जिला सीन ऑफ क्राईम यूनिट की स्थापना हेतु स्वीकृत मानव संसाधन के वैज्ञानिक अधिकारी से लेकर विभिन्न वेतन मैट्रिक्स लेवल के कुल 05 पद प्रति जिला इस तरह 10 जिलों के लिये कुल 50 पद स्वीकृत किए गए हैं। न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, रायपुर के लिए 65 पदों को स्वीकृति प्रदान की गई है, वही क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, दुर्ग में डीएनए यूनिट की स्थापना के लिए 4.00 करोड़ रुपए, नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के रायपुर कैंपस हेतु 40 एकड़ भूमि प्रदाय किया गया है, 03 नवीन आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद फोरेंसिक साइंस को महत्व देते हुए छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में जिला सीन ऑफ क्राईम यूनिटों हेतु वैज्ञानिक अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के लिए 225 करोड़ रूपए का हुआ बजट प्रावधान

     मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के शोधार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे शोध कार्यों के प्रत्यक्ष दर्शन कराने तथा राष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान के क्षेत्र में भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान से प्रेरित करने, उनके व्यक्तित्व एवं उनकी जीवन शैली से परिचय कराने के उद्देश्य से विज्ञान तीर्थ दर्शन अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित प्रयोगशालाओं एवं अनुसंधान संस्थानों में हो रहे अनुसंधानों का अवलोकन कराये जाने एवं संस्थानों में कार्यरत वैज्ञानिकों से परिचर्चा कराने के उद्देश्य से विज्ञान तीर्थ दर्शन अभियान प्रारंभ किये जाने की योजना है।

     भारत सरकार के स्कीम फॉर प्रमोशन ऑफ कल्चर ऑफ साईंस योजना के अंतर्गत जिला-सूरजपुर ग्राम-मायापुर  में राज्य में गुजरने वाली कर्क रेखा पर लगभग राशि  6.65 करोड़  रुपए की लागत से एस्ट्रो साईंस सेन्टर की स्थापना प्रस्तावित है। परियोजना का क्रियान्वयन राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद कोलकाता के समन्वय से किया जा रहा है।

       इस वित्तीय वर्ष में सरगुजा, बलरामपुर, बस्तर, जशपुर एवं रायगढ़ जिलों में एक-एक नवीन साईंस पार्क की स्थापना हेतु 7.50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण तथा दुरस्थ ग्रामों के विद्यालयों में भौतिकी, रसायन एवं जीवविज्ञान के विषयों में प्रायोगिक सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश के सरगुजा एवं बस्तर संभागों में प्रायोगिक उपकरणों से सुसज्जित नवीन चलित मोबाईल साईंस लैब हेतु 3.50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

      अनुदान की मांगों पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, विधायक श्रीमती अनिला भेड़िया, सर्व श्री दलेश्वर साहू, अजय चंद्राकर, सुनील कुमार सोनी, कवासी लखमा, भावना वोहरा, लखेश्वर बघेल, प्रेमचंद पटेल, इंद्र साव, राम कुमार टोप्पो  ने चर्चा में भाग लिया।

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