महिला थाना में अपराध क्रमांक 10/2026 धारा 331(4), 74, 75(2), 3(5) बीएनएस 8 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध.
आरोपियों के विरुद्ध छेड़खानी और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत कार्यवाही.
महिला थाना प्रभारी दीपिका निर्मलकर के नेतृत्व में पुलिस टीम की सक्रियता से हुई त्वरित गिरफ्तारी.
“महिला एवं नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों में जीरो टॉलरेंस, दोषियों पर होगी कठोर वैधानिक कार्रवाई” — एसएसपी शशि मोहन सिंह.
रायगढ़ : जिले में नाबालिग से छेड़खानी की गंभीर घटना पर पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। महिला थाना टीम की सक्रियता और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिला एवं नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में और महिला थाना प्रभारी दीपिका निर्मलकर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में लिया। दोनों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं एवं POCSO Act के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में महिला एवं नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर सख्त कार्रवाई के क्रम में रायगढ़ जिले की महिला थाना की टीम ने घर में घुसकर नाबालिग बालिका से छेड़खानी करने वाले दो आरोपियों को त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
महिला थाना में दिनांक 14 फरवरी 2026 को पीड़िता की मां द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि दिनांक 13 फरवरी 2026 की रात्रि करीब 11:30 बजे गांव का रोहन उरांव और पवन कुमार मिंज घर के पीछे से उनके मकान में घुस कर कमरे में सो रही उसकी नाबालिग बालिका के साथ गलत नियत से छेड़खानी करने लगे। बालिका के चिल्लाने पर परिजन जाग गए और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिन्हें देखकर दोनों आरोपी छिप गए। पड़ोसियों द्वारा पकड़ने का प्रयास करने पर आरोपी हाथ छुड़ा कर जंगल की ओर भाग गए। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर महिला थाना में अपराध क्रमांक 10/2026 धारा 331(4), 74, 75(2), 3(5) बीएनएस 8 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी उपनिरीक्षक दीपिका निर्मलकर द्वारा तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा कर उनके मार्गदर्शन में पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। पुलिस टीम की सक्रियता से दोनों आरोपियों को शीघ्र ही हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार किया। गिरफ्तार आरोपी (1) रोहन उरांव पिता दिलबंधु उरांव उम्र 20 वर्ष एवं (2) पवन कुमार मिंज पिता स्व. जोहन मिंज उम्र 25 वर्ष, दोनों निवासी उर्दना थाना सिटी कोतवाली जिला रायगढ़ को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
प्रकरण में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई में थाना प्रभारी दीपिका निर्मलकर, सहायक उपनिरीक्षक विल्फ्रेड मसीह, प्रधान आरक्षक राजेश उरांव, आरक्षक संदीप भगत एवं महिला थाना स्टॉफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश — “महिला एवं नाबालिगों की सुरक्षा रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस प्रकार के जघन्य अपराधों में संलिप्त किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। महिला एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों में रायगढ़ पुलिस की नीति पूर्णतः जीरो टॉलरेंस की है। आम नागरिकों से अपील है कि इस प्रकार की घटनाओं की सूचना तत्काल पुलिस को दें, जिससे त्वरित कार्रवाई कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके और समाज में सुरक्षित वातावरण बनाए रखा जा सके।”

