टीबी उन्मूलन के दावों पर सवाल! पोषण राशि ठप, डीओटीएस केंद्रों पर दवा की कमी—सुरेंद्र वर्मा बोले, “तकनीकी बदलाव के नाम पर भुगतान रोका, मरीजों की सेहत से खिलवाड़”

टीबी उन्मूलन के दावों पर सवाल! पोषण राशि ठप, डीओटीएस केंद्रों पर दवा की कमी—सुरेंद्र वर्मा बोले, “तकनीकी बदलाव के नाम पर भुगतान रोका, मरीजों की सेहत से खिलवाड़”

रायपुर : टीबी उन्मूलन को लेकर सरकारी दावों पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार की दुर्भावना के चलते निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को मिलने वाली मासिक 1200 की आर्थिक मदद पिछले कई महीनों से अटकी हुई है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के द्वारा संचालित योजना के तहत दी जाने वाली यह सहायता राशि मरीजों के इलाज के साथ-साथ उनके पोषण के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन  PFMS से SNA-स्पर्श पोर्टल में जानबूझकर षड़यंत्रपूर्वक बदलाव किए गए और तकनीकी दिक्कते पैदा की गई जिसके कारण भुगतान पूरी तरह ठप हो गया है। बिना पोषण सहायता के टीबी मरीजों की सेहत पर सीधा असर पड़ रहा है, जिससे इलाज अधूरा रहने और बीमारी बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार की अकर्मण्यता से टीबी मरीजों की हालत बिगड़ रहा है। टीबी के इलाज में दवा के साथ पोषण भी उतना ही जरूरी है, लेकिन आर्थिक मदद समय पर न मिल पाने से, टीबी उन्मूलन का लक्ष्य भी खतरे में पड़ गया है। यह सरकार प्रदेश के टीबी मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ दी है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकारी डीओटीएस केंद्रों पर आवश्यक दवाओं का स्टॉक नहीं है, नियमित आपूर्ति बाधित होने से उपचार बाधित हो रहा है, बलगम की जांच रिपोर्ट 6-6 महीनो तक नहीं मिल पा रहा है, नियमित दवा के अभाव में इलाज की अवधि बढ़ रही है, सरकारी स्तर पर उपेक्षा और लापरवाही से टीबी उन्मूलन का लक्ष्य चुनौती बन गया है, मरीज बेमौत मरने मजबूर हैं।

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