अपराधों पर अंकुश लगाने एवं क़ानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने डीआईजी एवं एसएसपी ने दिया जोर.
बैठक में लम्बित अपराध, शिकायत, लाम्बित मर्ग, चालान, म्यूल एकाउंट एवं पीओएस के लाम्बित मामलों की समीक्षा कर दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश.
NAFIS cell में फिंगरप्रिंट इंट्री बढ़ाने सहित जिला बदर, वारंटियों, गुंडा बदमाश, निगरानी बदमाश एवं आदतन अपराधियों के इंट्री अधतन रखने दिए गए दिशा निर्देश.
ई-चालान एवं ई-साक्ष्य की उपयोगिता की अधतन स्थिति की समीक्षा कर लाम्बित मामलों का निराकरण करने किया गया निर्देशित.
थाना/चौकी प्रभारियों को वाहन दुर्घटना के मामलों में आईरेड में इंट्री हेतु की गई लाम्बित प्रकरणों की समीक्षा, विवेचकों को साप्ताहिक डायरी लेखन कर दिए गए सख्त दिशा निर्देश.
अंबिकापुर : सरगुजा जिले में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को और अधिक मज़बूत करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नज़र आ रहा है। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा ली गई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लंबित मामलों से लेकर आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग तक, हर बिंदु पर सख़्त दिशा-निर्देश देकर पुलिसिंग को और अधिक जवाबदेह बनाने पर ज़ोर दिया गया।
अपराधों पर अंकुश लगाने एवं क़ानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के क्रम में डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा आज दिनांक को पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर के सभाकक्ष में राजपत्रित पुलिस अधिकारियों समेत समस्त थाना/चौकी प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई, समीक्षा बैठक में डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा थानावार लंबित अपराध, चालान, शिकायत, मर्ग की जानकारी थाना/चौकी प्रभारियों से प्राप्त कर समीक्षा की गई साथ ही म्यूल एकाउंट एवं पीओएस के लाम्बित मामले में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। विवेचकों को प्रकरण को अनावश्यक लंबित ना रखने की सख्त समझाईस दी गई।

बैठक के दौरान थाना/चौकी प्रभारियों को NAFIS में एंट्री बढ़ाने एवं गिरफ्तार शुदा व्यक्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखने निर्देशित किया गया। सभी थाना/चौकी स्तर पर प्रभारीगण अपने अपने-अपने थाना/चौकी क्षेत्र के अंतर्गत निवासरत निगरानी बदमाश, गुंडा बदमाश, आदतन बदमाश एवं अन्य आपराधिक किस्म के व्यक्तियों की फिंगर-प्रिंट लेकर सिस्टम में अधतन करने के निर्देश दिए गए। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा ई-चालान एवं ई-साक्ष्य के उपयोगिता की अधतन स्थिति की समीक्षा की गई एवं लाम्बित मामलों का निराकरण करने हेतु थाना चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया गया। सड़क हादसों में कमी लाने एवं हादसों के पश्चात सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा सहित घायलों के ईलाज की व्यवस्था हेतु तैयार इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (IRAD) की इंट्री की समीक्षा की गई, IRAD में इंट्री अधतन रखने निर्दर्शित किया गया। विवेचकों को आपराधिक मामलों में जांच की गुणवत्ता बढ़ाने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और न्यायालय में साक्ष्य मजबूती से प्रस्तुत करने के लिए साप्ताहिक केस डायरी अनिवार्य रूप से लिखने की हिदायत दी गई है।
समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमोलक सिंह ढिल्लों, नगर पुलिस अधीक्षक श्री राहुल बंसल (भा.पु.से.), उप पुलिस अधीक्षक श्री राकेश बघेल, उप पुलिस अधीक्षक अजाक श्री सुरेश भगत, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण श्री तूल सिंह पट्टावी, रक्षित निरीक्षक तृप्ती सिंह राजपूत, स्टेनो फबियानुस तिर्की, समस्त थाना/चौकी प्रभारी, रीडर अमित पाण्डेय एवं पुलिस अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

