कुनकुरी : धान खरीदी को लेकर प्रदेश सहित जशपुर जिले की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। किसानों के हितों के नाम पर सत्ता में आई भाजपा सरकार पर अब सीधे भ्रष्टाचार और किसान विरोधी नीतियों के गंभीर आरोप लगने लगे हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता विनयशील ने नगर पंचायत सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता के माध्यम से सरकार की धान खरीदी व्यवस्था पर सवालों की झड़ी लगा दी। उन्होंने इसे केवल अव्यवस्था नहीं, बल्कि संगठित भ्रष्टाचार करार देते हुए किसानों के हक की लड़ाई को सड़क से लेकर न्यायालय तक ले जाने का ऐलान किया। इस अवसर पर उनके साथ दीपक मिश्रा एवं मेहूल जैन भी उपस्थित रहे।
प्रेस को संबोधित करते हुए अध्यक्ष विनयशील ने कहा कि इस वर्ष की धान खरीदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान भाजपा सरकार किसान विरोधी है। सरकार किसानों का पूरा धान खरीदना नहीं चाहती और जानबूझकर ऐसी व्यवस्थाएं बनाई जा रही हैं, जिससे किसान परेशान हों। उन्होंने कहा कि जिले भर से किसानों की गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं, जिनमें धान खरीदी की समय-सीमा, रकबा कटौती और जबरन समर्पण जैसे मामले प्रमुख हैं।
विनयशील ने धान खरीदी की तिथि बढ़ाने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि किसानों से उनका पंजीकृत रकबा जबरन कम कराया जा रहा है। उन्होंने जिले के किसानों से अपील की कि यदि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो वे उसे लिखित रूप में उपलब्ध कराएं, ताकि इस मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जा सके।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि धान खरीदी में हो रही भारी अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि धान खरीदी में एक पूरा संगठित सिंडिकेट सक्रिय है, जिसे संरक्षण प्राप्त है। प्रबंधकों को भ्रष्टाचार की खुली छूट दी गई है, वहीं फड़ प्रभारी और ऑपरेटरों की नियुक्ति भाजपा कार्यकर्ताओं के रूप में की गई है, ताकि भ्रष्टाचार को आसानी से अंजाम दिया जा सके।
विनयशील ने धान खरीदी से जुड़े पूरे तंत्र में बगीया कैम्प कार्यालय की संलिप्तता का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नियुक्तियां असंवैधानिक तरीके से की गई हैं और इसे उन्होंने “बगीया टैक्स” का नाम देते हुए खुला भ्रष्टाचार बताया। अयोग्य लोगों को प्रबंधक बनाए जाने से व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व में कांग्रेस द्वारा धान खरीदी में भ्रष्टाचार के विरोध के बाद हुई जांच में आरोप प्रमाणित हुए थे और दोषियों की गिरफ्तारी तक हुई थी।
अंत में विनयशील ने कहा कि कांग्रेस किसानों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन और जरूरत पड़ी तो अदालत तक लड़ेगी। किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

