धान खरीदी और मनरेगा पर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला
“किसानों और मजदूरों को छल रही है भाजपा सरकार” — कुनकुरी से उठा बड़ा सियासी सवाल
कुनकुरी : धान खरीदी में कथित भ्रष्टाचार और मनरेगा को कमजोर किए जाने के आरोपों को लेकर जशपुर जिले की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कुनकुरी नगर के विश्राम गृह में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर किसानों और मजदूरों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया। प्रेस वार्ता में धान खरीदी से लेकर मनरेगा की नई व्यवस्था तक को लेकर सरकार की नीतियों पर खुलकर सवाल खड़े किए गए।
प्रेस वार्ता को जशपुर जिला प्रभारी जरिता लैतफलांग, जिला कांग्रेस अध्यक्ष यू.डी. मिंज, जशपुर के पूर्व विधायक विनय भगत, पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज सागर यादव एवं नगर पंचायत कुनकुरी के अध्यक्ष विनयशील ने संबोधित किया। इस दौरान कांग्रेस के जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष यू.डी. मिंज ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर देशभर में “मनरेगा बचाओ अभियान” चलाया जा रहा है, उसी कड़ी में जशपुर में यह प्रेस वार्ता आयोजित की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सहित जशपुर जिले में धान खरीदी में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है और सरकार इस पर मौन साधे हुए है।
पूर्व विधायक विनय भगत ने कहा कि शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी द्वारा जशपुर जिले के सभी 46 धान खरीदी केंद्रों में प्रदर्शन किया गया, जहाँ किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों का पूरा धान नहीं खरीदा जा रहा, टोकन नहीं काटे जा रहे और नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। भगत ने कहा कि “धान खरीदी को लेकर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।”
पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज सागर यादव ने भाजपा सरकार पर मजदूर विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर कर मजदूरों को रोजगार से दूर किया जा रहा है।
नगर पंचायत कुनकुरी के अध्यक्ष विनयशील ने सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जशपुर जिले में बगीया हाउस के संरक्षण में धान खरीदी में भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी केंद्रों में प्रबंधक व अन्य पदों पर अयोग्य लोगों की नियुक्ति कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही फड़ प्रभारी की भर्ती में भाजपा कार्यकर्ताओं को नियुक्त करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने धान खरीदी से जुड़े नियमों का हवाला देते हुए अनेक अनियमितताओं की विस्तृत जानकारी दी और बगीया टैक्स जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाए।
जिला प्रभारी जरिता लैतफलांग ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा का नाम बदलना केवल जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि भाजपा भ्रम फैला रही है कि नई व्यवस्था से लोगों को लाभ मिलेगा, जबकि हकीकत यह है कि जब वर्तमान में मजदूरों को 50 से 60 दिन का भी काम नहीं मिल पा रहा, तो 125 दिन काम देने की बात पूरी तरह बेमानी है। उन्होंने मनरेगा बचाओ अभियान के विभिन्न चरणों की जानकारी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने कांग्रेस की मांगें नहीं मानीं, तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
प्रेस वार्ता के माध्यम से कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दिया कि धान खरीदी और मनरेगा जैसे मुद्दों पर आने वाले दिनों में जिले की राजनीति और अधिक गरमाने वाली है।

