सूरजपुर : नशे के अवैध कारोबार पर कड़ा प्रहार करते हुए सूरजपुर न्यायालय ने एक अहम फैसला सुनाया है। नशीले इंजेक्शन की तस्करी में लिप्त आरोपी को दोषी ठहराते हुए माननीय विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला नशे के सौदागरों के लिए स्पष्ट संदेश है कि कानून से बच पाना अब आसान नहीं।
दिनांक 27 जनवरी 2025 को चौकी बसदेई पुलिस ने मुखबीर की सूचना पर ग्राम डबरीपारा तालाब के पास मेन रोड़ पर आरोपी अमजद अली अंसारी पिता शेख हामीद अंसारी उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम जूर को उसकी कार क्रमांक सीजी 16 सीजी 9664 से 34 नग एविल इंजेक्शन एवं 15 नग आईपीपीएल इंजेक्शन के साथ पकड़ा था। प्रकरण में नशीले इंजेक्शन जप्त कर अपराध क्रमांक 61/25 धारा 21(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। मामले के विवेचक एसआई सकलू राम भगत के द्वारा प्रकरण में पुख्ता साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र माननीय विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) न्यायालय सूरजपुर में पेश किया गया था।
इस प्रकरण की सुनवाई विद्धान न्यायाधीश श्री मानवेन्द्र सिंह विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) सूरजपुर के यहां हुई। माननीय न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुये प्रकरण के समग्र तथ्यों, गवाहों के कथन, एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर अपराध सिद्ध होने से आरोपी अमजद अली अंसारी को स्वापक औषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 की धारा 21(सी) के आरोप में दस वर्ष (10 वर्ष) के सश्रम कारावास एवं 1 लाख रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है।

