गाइडलाइन दर वृद्धि पर सियासत तेज: कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा—सरकार का फैसला जन-विरोधी, प्रदेशभर में आंदोलन होगा शुरू

गाइडलाइन दर वृद्धि पर सियासत तेज: कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा—सरकार का फैसला जन-विरोधी, प्रदेशभर में आंदोलन होगा शुरू

भाजपाई नेता, मंत्री अपनी काली कमाई सफेद करने गाइडलाइन की दर बढ़ा दिये

कांग्रेस इसके खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी

रायपुर : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जमीन गाइडलाइन दर में 10 से 100 प्रतिशत की गयी, बेतहाशा बढ़ोतरी सरकार तानाशाही पूर्ण फैसला है। इस फैसले से न सिर्फ जमीन का कारोबार खत्म होगा। गरीबों, किसानों, मध्यवर्गीय परिवार की जमीन खरीद कर मकान बनाने का सपना टूटा है। किसान खेती जमीन खरीद नहीं पाएगा, न ही जरूरत पर जमीन बेच पायेगा। भवन निर्माण कार्य बंद होगा, जिसका असर सीमेंट, स्टील, रेती, गिट्टी, ईटा, सेनेटरी, हार्डवेयर, बिजली समान, फर्नीचर सेक्टर पर भी मंदी आयेगी। भवन निर्माण कार्य में लगे कुशल अकुशल श्रमिक भी बेरोजगारी संकट से जूझेंगे। सरकार को भी राजस्व की हानि होगी। कांग्रेस सरकार के इस निर्णय के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 30 लाख की जमीन के लिए 22 लाख की स्टांप ड्यूटी कोई सरफिरि या तुनकमिजाज सरकार ही लगा सकती है। रायपुर शहर के आसपास ऐसी भी स्थिति बन गयी है कि अगर कोई 1000 फीट जमीन की खरीदी 6 लाख रु. में करता है तो उसे 4 लाख 40 हजार रु. रजिस्ट्री शुल्क चुकाना होगा, कुछ क्षेत्रों में रजिस्ट्री शुल्क और जमीन की कीमत एक बराबर होगी, कुछ क्षेत्रों में जमीन की कीमत से ज्यादा रजिस्ट्री शुल्क देना पड़ेगा। ऐसे गरीब आदमी मकान कैसे बनायेगा? तिनका तिनका जोड़कर और कर्ज लेकर जमीन खरीदने वालों को जमीन के साथ रजिस्ट्री के लिए भी कर्ज लेना पड़ेगा, फिर मकान बनाने पैसा कहाँ से इंतजाम करेगा?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यह निर्णय किसान विरोधी है इस निर्णय से किसान की जमीन नहीं बिकेगी, मान लो उसने जमीन बेच दिया जरूरत के खर्च के बाद जब वह दूसरी जमीन खरीदना चाहेगा तो उसे ज्यादा स्टांप ड्यूटी पटाना पड़ेगा। किसान न जमीन बेच पायेगा न खरीद पायेगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जमीन की गाइड लाइन की दर बढ़ाने के पीछे सरकार का अपना भ्रष्टाचार का पैसा सफेद करना भी है। भाजपा सरकार के मंत्रियों ने तथा सरकार में बैठे सत्ताधीशों ने पिछ्ले दो सालों की भ्रष्टाचार की काली कमाई के पैसे को जमीनों की खरीदी में लगा दिया तथा काले धन की कमाई की सरकारी वैल्यू बढ़ाने गाइड लाइन की दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी कर दिया, ताकि काली कमाई के कच्चे के पैसे से खरीदी गई जमीन की गाइड लाइन दर बढ़ने के बाद मंहगी कीमत में बिक्री हो और उस पर प्रॉपर्टी गेन टेक्स पटा कर भ्रष्टाचार के पैसे को नम्बर एक करवा लिया जाय। जमीन की गाइड लाइन की दर बढ़ाने के पीछे अपनी काली कमाई को सफेद करने का खेल हुआ है। सत्ता में बैठे किस नेता ने दामा खेड़ा के आगे बेमेतरा जिले 300 एकड़ जमीन लिया है, किसने नवा रायपुर के आगे गांव में 275 एकड़ जमीन खरीदा है, यह प्रदेश का बच्चा जानता है। इस पूरी खरीदी की जांच हो जाय तो जमीनों के गाइड लाइन दर बढ़ने की हकीकत सामने आ जाएगी।

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