जशपुर पुलिस का जागरूकता अभियान : महिला थाना परिसर में चला जागरूकता कार्यक्रम, महिलाओं को दी साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति और महिला अधिकारों की जानकारी, ‘बिहान’ महिला समूह की लीडर्स को दी गई डिजिटल सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की सीख.

जशपुर पुलिस का जागरूकता अभियान : महिला थाना परिसर में चला जागरूकता कार्यक्रम, महिलाओं को दी साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति और महिला अधिकारों की जानकारी, ‘बिहान’ महिला समूह की लीडर्स को दी गई डिजिटल सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की सीख.

एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में जशपुर पुलिस की सायबर जागरूकता टीम द्वारा दिनांक 18 सितंबर 2025 एवं 19 सितंबर 2025 को महिला सेल जशपुर परिसर में जागरूकता अभियान चलाया गया, इस कार्यक्रम में बिहानमहिला स्वसहायता समूह पत्थलगांव एवं फरसाबहार के लीडर उपस्थित हुये। उपस्थित महिलाओं को सोशल मीडिया का उपयोग करने, आनलाईन फ्रॉड के साथ-साथ महिला/बालिका जागरूकता संबंधी विषयों पर कार्यक्रम आयोजित कर विस्तृत जानकारी दी गई।

डीएसपी श्रीमती मंजूलता बाज द्वारा उपस्थित महिलाओं को बताया गया कि आज के डिजीटल युग में लोग जितना आनलाईन हो रहे हैं, उतना ही अधिक सायबर ठग एक्टिव हो गये हैं।  ऐसे में हर व्यक्ति को जागरूक एवं सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है। धोखा देने वाला अक्सर अपने आपको पुलिस अधिकारी, बैंक अफसर, तकनीकी सहायक या किसी विश्वसनीय संस्था का प्रतिनिधि बताकर परिचय देता है, फिर वह जानकारी हासिल कर वित्तीय ठगी करता है।

डीएसपी श्रीमती मंजूलता बाज ने बताया कि बालिका शिक्षा केवल व्यक्तिगत लाभ नहीं है, बल्कि पूरे परिवार और समाज के विकास की कुंजी है। शिक्षित बालिका परिवार में स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक फैसलों में बेहतर योगदान देती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जहां बालिका शिक्षा पर ध्यान दिया जाता है, वहां परिवार भी शिक्षित और जागरूक बनता है और समाज में अपराध तथा असुरक्षा की घटनाओं में कमी आती है। महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित रहन-सहन, ऑनलाइन सतर्कता और शारीरिक व मानसिक सुरक्षा के उपाय बताए गए। किसी भी खतरे की स्थिति में नोनी रक्षा रथ हेल्पलाइन 9479128400 पर तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई।

महिलाओं को सड़क पर नियमों का पालन, दो पहिया वाहन चलाते एवं बैठने के दौरान हेलमेट पहनने और सुरक्षित गति से वाहन चलाने के महत्व को समझाया गया। बताया गया कि अवैध ओवरटेकिंग, तेज गति और मोबाइल पर बात करना दुर्घटनाओं का मुख्य कारण हैं इस संबंध में विस्तार से बताया गया एवं परिवार/ग्राम के सदस्यों को भी जागरूकता की जानकारी देने हेतु कहा गया।

शराब, तम्बाकू और अन्य नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से बताया गया, उन्होंने कहा कि नशा परिवार और शिक्षा को प्रभावित करता है। युवाओं और महिलाओं को “ना कहने की हिम्मत” रखने और दूसरों को भी प्रेरित करने की सलाह दी गई।

डीएसपी श्रीमती बाज ने साइबर ठगी के मामलों और डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर ठग अक्सर खुद को बैंक अधिकारी, पुलिस या सरकारी एजेंसी बताकर निजी जानकारी या पासवर्ड मांगते हैं, उसके बाद दुरूपयोग करना शुरू कर देते हैं, इन सब से सुरक्षित रहने के उपाय बताये गये। महिलाओं को यह समझाया गया कि किसी भी संदेश, लिंक पर निजी जानकारी साझा न करें, और संदेह होने पर तुरंत सायबर हेल्पलाइन 1930 या पुलिस से संपर्क करें।

Jashpur