पोदला उरस्कना कार्यक्रम : नारायणपुर में विश्व आदिवासी दिवस पर “एक पेड़ शहीदों के नाम” वृक्षारोपण, शांति नगर में शहीदों की स्मृति में पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प, शहीदों को दी हरियाली से श्रद्धांजलि.

पोदला उरस्कना कार्यक्रम : नारायणपुर में विश्व आदिवासी दिवस पर “एक पेड़ शहीदों के नाम” वृक्षारोपण, शांति नगर में शहीदों की स्मृति में पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प, शहीदों को दी हरियाली से श्रद्धांजलि.

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आज पोदला उरस्कना कार्यक्रम के तहत एसटीएफ हब, शांति नगर, नारायणपुर में भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर “एक पेड़ शहीदों के नाम” अभियान के तहत सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने शहीदों की स्मृति में पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासन, पुलिस विभाग और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

इस अवसर पर जिले के कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें श्री बृजमोहन देवांगन (वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता, नारायणपुर), श्री पंकज जैन (अध्यक्ष, व्यापारी संघ), श्री सुनील कथोरिया (सचिव, व्यापारी संघ), श्रीमती प्रतिष्ठा ममगई (भा.प्र.से), कलेक्टर नारायणपुर, श्री रॉबिनसन गुरिया (भा.पु.से), पुलिस अधीक्षक नारायणपुर, श्री संदीप पटेल (भा.पु.से), सेनानी, 16वीं बटालियन (छ.स.ब.), श्री शशिकानंद (भा.व.से), डीएफओ, नारायणपुर, श्रीमती आकांक्षा खलखो (भा.प्र.से), मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत नारायणपुर, श्री संजय कुमार कमांडेंट, 53वीं वाहिनी आईटीबीपी,श्री अनिल चौधरी, उप कमान अधिकारी, श्री प्रकाश झा, द्वितीय कमान अधिकारी, 45वीं वाहिनी आईटीबीपी, श्री अक्षय साबद्रा (भा.पु.से), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, श्री संजय महादेवा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, श्री लोकेश बंसल, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी, नारायणपुर, उप पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद किशोर खलखो, श्री अविनाश कंवर, श्री आशिष नेताम, रक्षित निरीक्षक श्री सोनू वर्मा, श्री मोहसिन खान उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम में शहीद परिवार की गरिमामयी उपस्थिति ने इस अवसर को और भी भावुक बना दिया। शहीद दानसाय सोरी की पत्नी श्रीमती जुगाय बाई सोरी को सभी गणमान्यजनों द्वारा सम्मानित किया गया और उनके बलिदान को नमन किया गया।

विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर यह कार्यक्रम आदिवासी समाज की प्रकृति-प्रेमी परंपरा और पर्यावरण के प्रति गहरे जुड़ाव का प्रतीक बना। उपस्थित सभी अतिथियों ने पौधारोपण करते हुए संकल्प लिया कि हर पौधे की देखभाल ऐसे करेंगे जैसे अपने परिवार के सदस्य की।

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