अडानी परस्ती का खुलासा होने पर भाजपा तिलमिला गयी
रिमोट कंट्रोल और मदारी की संज्ञा राजनैतिक तौर पर सामान्य उपमाएं है
रायपुर/08 अगस्त 2025। भाजपा के सोशल मीडिया पोस्ट पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति व्यक्त किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रिमोट कंट्रोल और मदारी की संज्ञा राजनैतिक तौर पर सामान्य उपमाएं हैं। देश के उच्च सदन राज्यसभा, लोकसभा और विभिन्न राज्यों के विधानसभाओं के भीतर भी ऐसे वक्तव्य अनेकों बार अलग-अलग दलों के संसद और विधायकों के द्वारा अपने उद्बोधनों में कहे गए, रिकॉर्डेड बयान हैं, लेकिन जब सत्ता का नियंत्रण और निर्णय किसी के हित पर केंद्रित होता है वहां पहले भी ऐसे आरोप विपक्ष के द्वारा लगाए जाते हैं, गांधी जी के तीन बंदर, और पूंजीपतियों के इशारे पर नाचने वाले, कठपुतली और नकलची बंदर भी ख़ूब चले, लेकिन कुत्ता और जूते चाटना पूंजीवादी गुलामों की संस्कृति हो सकती, छत्तीसगढ़ की नहीं, जो संसाधन और समृद्धि एक व्यक्ति के मुनाफे के लिए लुटाए जा रहे हैं और सत्ता में बैठे जिम्मेदार आंख मूंदकर बैठे हैं उसी संदर्भ में कांग्रेस प्रतीकात्मक कार्टून था, जवाब अडानी परस्त नीतियों पर देना चाहिए लेकिन मालिक का नाम कैसे लें तो इस तरह से स्तरहीनता पर उतर आए। अडानी परस्ती का खुलासा होने पर भाजपा तिलमिला गयी। अनेकों बार ऐसा हुआ है, विरोध का तर्क नहीं होने पर भाजपा अमर्यादित आचरण करती है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी लगातार अपने पोस्टर में मर्यादाओं का उल्लंघन करती रही है। हाल ही में उसका जारी किया गया कार्टून अक्षम्य अपराध है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को समझना होगा कि उनके सोशल मीडिया और उनके प्रवक्ताओं द्वारा अपने सोशल मीडिया में विरोधी दलों के नेताओं के लिए जिस स्तर की भाषा का उपयोग कर रहे है क्या वह मर्यादित भाषा है? किसी के पास में जब विरोध के तर्क और तथ्य नहीं रहते तो वह तिलमिलाहट में अभद्रता और अशिष्टता पर उतर आता है। गाली, गलौज अपशब्दों का प्रयोग वही करता है जिसे पता है कि वह जो बोल रहा है वह गलत है तथा गाली देना उसका अंतिम और असभ्य उपाय है। भाजपा भी कुछ यही कर रही है।

