दोकड़ा में रथयात्रा परंपरा चरम पर : जगन्नाथ महाप्रभु ने मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने रसगुल्ला भेंट कर किया श्रीमंदिर प्रवेश, रथयात्रा महोत्सव में श्रद्धा और भक्ति की झलक, भागवत पुराण का वितरण और लॉटरी में इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी बनी खास आकर्षण.

दोकड़ा में रथयात्रा परंपरा चरम पर : जगन्नाथ महाप्रभु ने मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने रसगुल्ला भेंट कर किया श्रीमंदिर प्रवेश, रथयात्रा महोत्सव में श्रद्धा और भक्ति की झलक, भागवत पुराण का वितरण और लॉटरी में इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी बनी खास आकर्षण.

यहां के ऐतिहासिक प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर में रथ यात्रा के अवसर पर अनेक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन का मंगलवार को समापन हुआ। श्री जगन्नाथ महाप्रभु बाहुड़ा रथ यात्रा के उपरांत अपने पवित्र निवास श्री मंदिर में विधिवत रूप से प्रवेश कर गए। मंदिर में प्रवेश के पूर्व परंपरानुसार मां लक्ष्मी को रिझाने की रस्म निभाई गई, जिसमें महाप्रभु को रसगुल्ला भेंट करते हुए यह विशेष परंपरा पूरी की गई। भक्तों ने इस रस्म में भाग लेकर दिव्य अनुभूति की। इस शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने श्री मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

रथ यात्रा महोत्सव को और भी विशेष बनाने हेतु श्री जगन्नाथ मंदिर समिति द्वारा लॉटरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। मंगलवार को इस प्रतियोगिता का ड्रा निकाला गया, जिसमें विजेताओं की घोषणा की गई, प्रथम पुरस्कार इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी भुवनेश्वर चौधरी दोकड़ा, द्वितीय पुरस्कार लैपटॉप अभिषेक बागे दोकड़ा, तृतीय पुरस्कार इलेक्ट्रॉनिक साइकिल सोनिया चक्रेश पतरापाली एवं 20 प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। विजेताओं को मंच पर बुलाकर भव्य रूप से उपहार भेंट किए गए। इस दौरान उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट से विजेताओं का उत्साहवर्धन किया।

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति द्वारा रथयात्रा के उपलक्ष्य में हिंदी में अनूदित “श्रीमद्भागवत पुराण” की प्रतियां श्रद्धालुओं को भेंट स्वरूप दी गईं, जिससे जनमानस को आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त हो सके और भगवत भक्ति को नया आयाम मिले।

Jashpur