खाद-बीज संकट पर कांग्रेस का हमला : दीपक बैज बोले – सरकार नहीं चाहती किसान धान उगाएं, किसानों को भ्रमित कर रही सरकार, 3100/- रूपये में धान खरीदी से बचना चाहती है भाजपा.

खाद-बीज संकट पर कांग्रेस का हमला : दीपक बैज बोले – सरकार नहीं चाहती किसान धान उगाएं, किसानों को भ्रमित कर रही सरकार, 3100/- रूपये में धान खरीदी से बचना चाहती है भाजपा.

रायपुर. 01 जुलाई 2025 : खरीफ की फसल में दलहन, तिलहन की फसल लेने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय किसानों से नया धोखा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जलवायु के अनुसार धान की फसल लेना खरीफ में किसानों के लिये सबसे ज्यादा फायदे की खेती है। साय सरकार खरीफ के फसल के लिये बीज, खाद उपलब्ध नहीं करवा पा रही तो प्रोत्साहन योजना के तहत प्रलोभन दिया जा रहा ताकि किसान धान की फसल नहीं ले और सरकार को 3100/- रूपये में धान नहीं खरीदना पड़े। पूरे प्रदेश में किसान बुवाई की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं, लेकिन प्रदेश में खाद और बीज की समुचित व्यवस्था यह सरकार नहीं कर पाई है। प्रदेश के ज्यादातर सोसाइटी में किसानों को डीएपी की कमी से जूझना पड़ रहा है, ज्यादातर स्थानों पर बोनी और थरहा के लिए बीज भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते किसान परेशान हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद की उपलब्धता नहीं होने से किसान परेशान हैं। यह सरकार नहीं चाहती कि किसान भरपूर उपज ले सके। बोनी के समय सबसे ज्यादा आवश्यकता डीएपी खाद और बीज की ही होती है, लेकिन इस सरकार का रवैया शुतुरमुर्ग की तरह है। खरीफ फसल की बुआई का समय चल रहा है, लेकिन यह सरकार ना खाद के रेक की व्यवस्था कर पाई है, ना समुचित रूप से कही भंडारण की व्यवस्था है। छत्तीसगढ़ के किसानों की खाद की कुल आवश्यकता के मांग को केंद्र की मोदी सरकार ने खारिज करते हुए समुचित सप्लाई करने से मना कर दिया है, लेकिन दलीय चाटुकारिता में भाजपा के सांसद और प्रदेश की सरकार इस केंद्र सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ से भेदभाव और छत्तीसगढ़िया किसानों की उपेक्षा पर भी मौन है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार के किसान विरोधी षडयंत्रों के चलते ही छत्तीसगढ़ नकली बीज, नकली दवा, नकली खाद और घटिया नैनो यूरिया को खपाने का अड्डा बन गया है। किसान संगठनों का आरोप है कि गुणवत्ताहीन खाद और बीज को खपाने के लिए ही यह सरकार सहकारी समिति और निजी दुकानों के लिए किसानों के वास्तविक डिमांड के अनुरूप खाद, बीज की आपूर्ति नहीं करवा रही है। समय पर खाद, बीज की उपलब्धता नहीं होने से किसान जमाखोरों, बिचौलियों और मिलावटखोरों के हाथों शोषित होने मजबूर हैं।

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