नगर अध्यक्ष विनयशील के सोशल मीडिया पोस्ट से जातीय राजनीति पर गरमाई कुनकुरी की सियासत : भाजपा बनाम कांग्रेस की सीधी टक्कर – डीडीसी  मलिता बाई बोली ‘ओछा प्रचार’, नगर उपाध्यक्ष दीपक केरकेट्टा ने किया पलटवार -कहा ‘आदिवासी अस्मिता पर हमला’

नगर अध्यक्ष विनयशील के सोशल मीडिया पोस्ट से जातीय राजनीति पर गरमाई कुनकुरी की सियासत : भाजपा बनाम कांग्रेस की सीधी टक्कर – डीडीसी  मलिता बाई बोली ‘ओछा प्रचार’, नगर उपाध्यक्ष दीपक केरकेट्टा ने किया पलटवार -कहा ‘आदिवासी अस्मिता पर हमला’

कुनकुरी, 27 जून 2025 : कुनकुरी की सियासत एक बार फिर उबाल पर है — इस बार मुद्दा विकास का नहीं, बल्कि जाति की वह चिंगारी है जिसे राजनीति ने हवा दे दी है। नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील के सोशल मीडिया पोस्ट ने न केवल आदिवासी समाज के बीच हलचल मचा दी, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी ज़बरदस्त भूचाल ला दिया है। DDC मलिता बाई ने इसे “जाति की ओछी राजनीति” करार दिया, तो वहीं कांग्रेस खेमे से नगर उपाध्यक्ष दीपक केरकेट्टा ने भाजपा पर आदिवासी अस्मिता को कुचलने का आरोप जड़ दिया।

नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील द्वारा सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी से सियासी तापमान चरम पर पहुँच गया है। इस टिप्पणी में अध्यक्ष विनयशील ने नगर पंचायत कुनकुरी में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के अधिकारी, CMO राजेन्द्र कुमार पात्रे की पोस्टिंग को लेकर आशंका जताई थी कि उन्हें झूठे मामले के माध्यम से ST-SC मामले में फंसाने की साजिश की जा रही है। इस पर जिला पंचायत सदस्य (DDC) मलिता बाई ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

DDC मलिता ने आरोप लगाया कि विनयशील जातीय राजनीति कर रहे हैं और अनर्गल बयान देकर समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “नगर पंचायत अध्यक्ष को अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग का सम्मान करना सीखना चाहिए। केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार मिलकर क्षेत्र के विकास में जुटी है, लेकिन कुछ लोग केवल अपनी छवि चमकाने के लिए समुदायों के बीच नफरत फैला रहे हैं।”

मलिता ने यह भी सवाल उठाया कि जब 2018 से 2023 तक प्रदेश में कांग्रेस सरकार थी, तब अध्यक्ष विनयशील कुनकुरी के विकास के लिए कहां थे। “वह रायपुर में सत्ता सुख भोग रहे थे, तब कुनकुरी की याद नहीं आई। आज जब भाजपा विकास कर रही है, तो बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।”

उन्होंने गिनाया कि भाजपा सरकार ने अल्प समय में कुनकुरी को मेडिकल कॉलेज, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नालंदा परिसर और मातृ शिशु चिकित्सालय जैसे अनेक प्रोजेक्ट दिए हैं। उन्होंने विनयशील से माफी की मांग करते हुए चेताया कि भाजपा सड़कों पर उतरने से नहीं हिचकेगी।

विनयशील के समर्थन में उतरे नगर उपाध्यक्ष दीपक केरकेट्टा, भाजपा पर साधा निशाना

वहीं, नगर उपाध्यक्ष दीपक केरकेट्टा ने DDC मलिता के बयान पर पलटवार करते हुए अध्यक्ष विनयशील को SC-ST समाज का सबसे बड़ा हितैषी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आदिवासियों का शोषण करने वाली पार्टी है और विनयशील जैसे नेता को बदनाम करने की साजिश कर रही है।

दीपक ने कहा, “जैसे ही अध्यक्ष ने धरती आबा बिरसा मुंडा के नाम पर नालंदा लाइब्रेरी का नाम रखने की माँग की, भाजपा बेचैन हो गई। भाजपा बिरसा मुंडा के नाम पर लाइब्रेरी नामकरण का समर्थन क्यों नहीं कर रही? क्या उन्हें आदिवासी प्रतीकों से समस्या है?”

उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद आदिवासी अधिकारियों को पद से हटाकर ब्राह्मण अधिकारी को प्रभारी CMO बनाया गया। साथ ही, उन्होंने CMO बंगले में हुई एक आदिवासी व्यक्ति की मृत्यु की जांच न होने और CMO प्रवीण उपाध्याय के भ्रष्टाचार पर कार्रवाई नहीं होने पर भी सवाल उठाए।

दीपक ने कहा, “अध्यक्ष विनयशील के बयान का उद्देश्य ST/SC अधिकारियों को सुरक्षा देना है, ताकि उन्हें दबाव में लाकर गलत कार्य न करवाया जाए।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बाबा साहब अंबेडकर और बिरसा मुंडा की मूर्तियों की स्थापना रोक रही है, जिससे भाजपा की मंशा साफ हो जाती है। “यदि भाजपा सच में आदिवासी हितैषी है तो मूर्तियाँ लगाने में क्या आपत्ति है?”

कुनकुरी में सामने आई यह बहस अब केवल दो नेताओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर राजनीतिक विमर्श का विषय बन चुकी है। भाजपा और कांग्रेस समर्थित नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर में, असल मुद्दा विकास और सामाजिक समरसता बनता या बिगड़ता दिख रहा है। अब देखना यह है कि इस विवाद के माध्यम से कौन सा खेमा अपना राजनैतिक हित साधने में सफल होता है या यह राजनीतिक जंग और तेज होगी।

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